
बांग्लादेश में हालिया दिनों में हुई हिंसा के दौरान अखबारों के दफ्तरों पर हमले यूनुस सरकार से जुड़े लोगों ने कराए हैं। यह आरोप बांग्लादेश की एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष नूरुल कबीर ने लगाया है। कबीर ने शनिवार को कहा कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कुछ नेताओं ने देश के प्रमुख अखबार प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों और ढाका में सांस्कृतिक केंद्र छायानाट में आगजनी की इजाजत दी।
बांग्लादेश में 18 दिसंबर को युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा देखने को मिली थी। इस दौरान खासतौर से राजधानी ढाका से आगजनी और तोड़ोफोड़ की घटनाएं सामने आईं। इसी दौरान दो अखबारों के दफ्तरों और कुछ दूसरे प्रमुख स्थानों पर भी आगजनी की गई। इसी पर एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष नूरुल कबीर ने सवाल खड़े किए हैं।
घोषणा कर किया गया हमला – डेली न्यू एज के संपादक नूरुल ने ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट सेंटर में कहा, ‘प्रोथोम आलो, द डेली स्टार और छायानाट को तोड़ने की घोषणा दो दिन पहले ही कर दी गई थीं। इस देश में हर कोई जानता है कि ये ऐलान किसने किया था। सरकार भी इसे अच्छे से जानती है। बांग्लादेश के कानून के तहत यह अपराध होता है लेकिन सरकार ने इसे रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।
Home / News / बांग्लादेश में मीडिया दफ्तरों पर हमले के पीछे यूनुस सरकार के लोग, एडिटर्स काउंसिल चीफ का बड़ा खुलासा
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