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सईद अजमल का आईसीसी पर आरोप, पाकिस्तानी हूं इसलिए मेरी बोलिंग बैन कर दी


पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सई अजमल ने इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने एक चैट शो के दौरान कहा कि जिस बोलिंग ऐक्शन को 2009 में पास किया गया 2014 में उसी को बैन कर दिया गया। पाकिस्तानी हूं इसलिए मुझे बैन किया गया।
सईद अजमल का आईसीसी पर आरोप, पाकिस्तानी हूं इसलिए मेरी बोलिंग बैन कर दीशोएब अख्तर, शाहिद अफरीदी और अब सईद अजमल। पाकिस्तान के क्रिकेटर अपने बयान की वजह से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। शाहिद अफरीदी और शोएब अख्तर भारत से क्रिकेट सीरीज पर अपने बयान से पहले ही विवादों में थे अब अजमल ने यह कहते हुए नए विवाद की शुरुआत कर दी कि पाकिस्तानी होने की वजह से आईसीसी ने उनकी बोलिंग पर बैन लगाया था।
पाकिस्तान टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने एक चैट शो में दावा किया कि इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) उनके एक्शन को इसलिए अवैध करार दिया क्योंकि वह पाकिस्तानी हैं। अजमल ने अपने बयान में कहा- पहली बार 2009 में मेरे बोलिंग ऐक्शन पर सवाल उठे थे। उस वक्त मेरी जांच हुई तो मेरी मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए मुझे क्लीन चिट मिल गई। लेकिन 2014 में ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने आगे कहा- 2014 में बोलिंग ऐक्शन पर फिर विवाद हुआ तो रिजल्ट 2009 जैसा ही आया। लेकिन आईसीसी ने मेडिकल कंडिशन को खत्म करके मुझे कॉल आउट कर दिया। जब मुरलीधरन ने क्रिकेट छोड़ी तो इनको (आईसीसी) लगा यह एक रह गया। यह पाकिस्तानी प्लेयर है और पाकिस्तान हमारे ऊपर कुछ कर नहीं सकता। तो इसको कर देते (बैन लगा देते हैं) हैं। मैं नाम नहीं लेता, लेकिन वहां पर जो भी थे उन्होंने रिपोर्ट पर साइन कर दिया।
इस दौरान अजमल ने अपनी कोहनी के अधिक मुड़ने की वजह अपनी चोट को बताई। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा नहीं था यह एक चोट की वजह से हुआ। उन्होंने कहा- 2004 में हम फर्स्ट क्लास मैच खेलकर सरगोदा से लौट रहे थे। पाकिस्तान एयरफोर्स के इमरजेंसी रनवे के पास हमारे साथ हादसा हो गया। इस हादसे में हम 7 लोग चोटिल हुए थे। मेरे पूरे शरीर में 48 टांके लगाने पड़े थे। बायां कंधा डिसलोकेट हो गया था। मेरे दाएं हाथ की कलाई और एल्बो के पास की हड्डी बाहर निकल गई थी।
3 महीने लगे फिट होने में
उन्होंने बताया- दोनों हाथों में चोट लगने से मैं एक तरह से बेकार हो गया। मुझे 3 महीने लगे ठीक होने में। लेकिन चोट की वजह से कलाई की हड्डियों में गैप हो गया, जिसकी वजह से मेरा हाथ सही से घूम नहीं सकता था। ऊपर ले जाने के बाद गेंद को फेकने के लिए शक्ति लगाने के लिए मुझे कोहनी को अधिक मोड़ना पड़ता है।