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स्मोकिंग से महिलाओं पर टूट सकता है आसमान, प्रेग्नेंसी में आएंगी खतरनाक-खतरनाक मुसीबतें


आज भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा धूम्रपान करने वाले लोग हैं। उसमें से एक बड़ा हिस्सा महिलाओं का है। सिगरेट, बीड़ी, ई सिगरेट आदि में खतरनाक तंबाकू होता है। जिससे फेफड़ों का कैंसर, हार्ट अटैक, बीपी, अस्थमा की दिक्कत हो सकती है।
युवाओं में स्मोकिंग का ज्यादा चलन चल रहा है। जिसके पीछे ई-सिगरेट, शीशा या कूल दिखने का छलावा होता है। इनमें भी महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ गई है। लीलावती हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की ऑब्स्टट्रिशन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. स्वर्णा गोयल ने बताया कि जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं, उन्हें गर्भवती होने में परेशानी हो सकती है। क्योंकि स्मोकिंग उनकी फर्टिलिटी को कम कर देता है।
स्मोकिंग का महिलाओं को नुकसान – स्मोकिंग करने से कई सारे केमिकल और टॉक्सिन निकलते हैं। यह फीमेल एग और मेल सीमन की क्वालिटी को खराब कर देते हैं। जिससे महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में काफी दिक्कत होती है। जो महिलाएं स्मोक करती हैं, उन्हें मेनोपॉज का भी जल्दी सामना करना पड़ता है। इससे उनकी रिप्रोडक्टिव एज भी कम हो जाती है।
पुरुषों को स्मोकिंग का नुकसान – डॉ. स्वर्णा गोयल के मुताबिक जो पुरुष धूम्रपान करते हैं, उनका सेक्शुअल फंक्शन कम हो सकता है। जिससे इंटेमिसी में भी इश्यू होने लगते हैं। इस कारण से भी महिलाओं को गर्भवती होने में और वक्त लग सकता है। स्मोकिंग छोड़ने के बाद फर्टिलिटी धीरे-धीरे ठीक होने लगती है। साथ ही प्रेगनेंट होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
प्रेग्नेंसी के बाद भी स्मोकिंग नहीं छोड़ती कुछ महिलाएं – महिलाओं को जैसे ही पता चलता है कि उन्होंने कंसीव कर लिया है और वो प्रेग्नेंट हो गई हैं, तो अधिकतर महिलाएं स्मोकिंग छोड़ देती हैं। लेकिन कुछ महिलाएं फिर भी एक्टिव या पैसिव (घर या आसपास किसी दूसरे व्यक्ति का धूम्रपान करना) स्मोकिंग में शामिल रहती हैं। पैसिव स्मोकिंग से भी प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन आ सकती है।
कंसीव करने के बाद स्मोकिंग करने का नुकसान – इसकी वजह से कभी-कभी महिलाओं को मिसकैरिज का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी उनकी डिलीवरी वक्त से पहले हो जाती है। वहीं अगर डिलीवरी 9 महीने में भी हो रही है तो भी बच्चे का साइज और वजन कम रह जाता है। क्योंकि धूम्रपान से निकलने वाले केमिकल और टॉक्सिन भ्रूण को बुरी तरह प्रभावित करते हैं।
बच्चे को हो सकती हैं ये समस्या – प्रेग्नेंसी में स्मोकिंग करने से बच्चे के जन्म लेने के बाद भी दिक्कतें आ सकती हैं। जैसे क्लेफ्ट लिप्स और क्लेफ्ट पैलेट, जिसमें मुंह का एरिया ढंग से विकसित नहीं हो पाता है। ऐसे बच्चों को सांस की समस्या भी जन्मजात हो सकती है। क्योंकि धूम्रपान से उनके फेफड़े कमजोर हो जाते हैं। कभी-कभी सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम भी हो सकता है।