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नौकरी के चक्कर में किसी ने खोया परिवार तो किसी को नहीं मिला प्यार, इन 4 लोगों का दर्द खोल देगा आंखें


काश! मैंने ये गलतियां नहीं की होतीं। काश! मुझे भी कोई समझाने वाला होता। अपने आसपास आपने बहुत से लोगों को उन गलतियों के लिए पछताते हुए देखा होगा जोकि उन्होंंने अपनी जवानी के दिनों में की थी। ऐसा इसलिए क्योंकि 30-35 की उम्र तक आते-आते लोगों को अक्सर अपनी लाइफस्टाइल और पर्सनैलिटी बदलने की सलाह दी जाती है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण क्योंकि 30 की उम्र में पहुंचते ही आपको इस बात का एहसास हो जाता है कि आपके लापरवाही और लड़कपन के दिन अब बीत चुके हैं।
इस वक्त आप अपनी और अपनों की जिम्मेदारियां उठाने के लिए पूरी तरह मैच्योर हैं। हां, वो बात अलग है कि कुछ लोगों को जहां इस बात का एहसास बहुत जल्दी हो जाता है, तो कइयों को समय निकलने के बाद समझ आती है कि उन्होंने अपने जीवन में क्या खोया और क्या पाया। ऐसे में आज हम आपको कुछ लोगों की ऐसी ही गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे सीख लेकर आप अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। (सभी तस्वीरें-Istock)
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मेरे रिश्ते पीछे छूट गए – जब मैं 30 की उम्र में चल रहा था, तो मैं अपना करियर बनाने में इतना ज्यादा बिजी था कि मैंने अपने व्यक्तिगत संबंधों तक को नजरअंदाज कर दिया। मुझे आज इस बात का अफसोस होता है कि मैंने अपने रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कभी भी समय नहीं निकाला।
आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, मुझे एहसास होता है कि जीवन केवल पेशेवर उपलब्धियों के बारे में नहीं है बल्कि यह उन आपसी रिश्तों के बारे में भी है, जिनसे आपका जीवन सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।
​मैंने खुद पर ध्यान नहीं दिया – अपने करियर में बेहिसाब सफलता हासिल करने के लिए मैंने अपना शरीर त्याग दिया। मैं उस दौरान घंटों-घंटों काम करता था, जिसके चलते मैंने अपनी नींद का त्याग कर दिया। मैं बुरी आदतों में लिप्त हो गया।
आज जब मैं स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूं, तो मुझे पूछने वाला कोई नहीं है। काश! मैंने काम से ज्यादा खुद की देखभाल को प्राथमिकता दी होती। कार्यालय में लंबे समय तक बिताए गए घंटे आज मुझे महत्वहीन लगते हैं।
मैंने अपने जीवन के कीमती समय को खो दिया – अधिक सफल बनने के लालच ने मुझे बर्बाद कर दिया। मैंने अपने परिवार की उपेक्षा की और अपने बच्चों के साथ बिताने वाले अनमोल पलों को गंवा दिया। हालांकि, आज मैं सेवानिवृत्ति का आनंद ले रहा हूं।
लेकिन आज भी इस बात का अफसोस है कि मैं अपने पेशेवर और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन नहीं बना पाया। ऐसा इसलिए क्योंकि अब मेरे बच्चे बड़े हो गए हैं। आज जब मेरे पास उन्हें देने के लिए खूब सारा समय है, तो वह अपनी-अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा बिजी हो गए हैं।
मेरे सपने अधूरे रह गए – मैंने अपनी उम्र एक ऐसी नौकरी में बिताई, जिससे मेरे घर के बिल तो बहुत आराम से चुक जाते थे, लेकिन सफल आदमी बनने का मेरा जुनून कभी पूरा नहीं हुआ। मैंने हमेशा अपने आप से कहा कि मैं अपने सपनों को बाद में पूरा करूंगा। लेकिन बाद मेरे जीवन में कभी नहीं आया।
आज जब भी मैं पुराने दिनों के बारे में सोचता हूं, तो मुझे बहुत पछतावा होता है कि मैंने कभी खुद पर ध्यान क्यों नहीं दिया। मैं सबसे यही कहूंगा कि आपको जो पसंद है, उसे करने में देरी बिल्कुल न करें। जीवन बहुत छोटा है। काश! समय रहते मैंने सब कुछ कर लिया होता।