
सियोल। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन 1950-53 के कोरियाई युद्ध की समाप्ति के बाद दक्षिण कोरिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले उत्तर कोरियाई शासक बन गए है। खास बात ये रही कि ऐतिहासिक अंतर कोरियाई सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किम पैदल ही सीमा पार कर दक्षिण कोरिया पहुंचे। किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से दोनों कोरियाई देशों को विभाजित करने वाली सैन्य सीमांकन रेखा (एमडीएल) पर मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं को सम्मेलन स्थल पीस हाउस की ओर जाते समय ऑनर गार्ड दिया गया। स्वागत समारोह और औपचारिक वार्ता के बाद सम्मेलन का पहला दौर सुबह 10.30 बजे शुरू होगा।
उत्तर कोरिया की ओर से नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में देश के ऑनरेरी अध्यक्ष किम योंग नैम, विदेश मंत्री री योंग हो और किम की बहन किम यो जोंग भी हैं। किम यो जोंग उत्तर कोरिया की वर्कर्स पार्टी के प्रोपेगैंडा एंड एजिटेशन डिपार्टमेंट की निदेशक हैं। बैठक के बाद विजिटर्स डायरी में किम जोंग ने मुलाकात को ऐतिहिसक बताया। किम जोंग ने लिखा यहां से एक नया इतिहास लिखा जाएगा। हम शांति स्थापित करने वाले इतिहास के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। अमेरिका ने भी इस बैठक का स्वागत किया है।
दोनों नेताओं की मुलाकात के लिए हो रहे इस सम्मेलन को इंटर कोरियन समिट का नाम दिया गया है। ये पहला मौका है जब किम जोंग उन दक्षिण कोरिया से शांति बहाली के लिए तैयार हो गया है। दरअसल इससे पहले तक उसकी पहचान एक सनकी तानाशाह की थी जो परमाणु हथियारों के परीक्षण और मिसाइल टेस्ट के लिए दुनियाभर में जाना जाता था। दुनिया उसे रॉकेट-मैन के तौर पर भी जानने लगी थी। दुनिया में बन रही अपनी छवि को तोड़ते हुए किम जोंग उन ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति कायम करने के दक्षिण कोरिया के प्रयासों का साथ दिया। किम जोंग का दक्षिण कोरियाई नेता से मुलाकात के लिए तैयार होना पूरे विश्व के लिए हैरान करने वाली खबर थी।
इस शिखर सम्मेलन का मुख्य मुद्दा और उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु हथियारों पर रोक और शांति स्थापित करना है। इस सम्मेलन की नींव तभी रखी गई थी जब फरवरी के महीने में किम जोंग उन की बहन विंटर ओलंपिक्स में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण कोरिया आई थी। आज होने वाली मीटिंग में किम जोंग उन दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना को हटाने पर भी जोर दे सकता है। 1950 के कोरियाई युद्ध के बाद से ही अमेरिकी सेना दक्षिण कोरिया में तैनात है। आपको बता दें कुछ दिनों बाद किम जोंग उन की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी होनी है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website