
गेंहू से बनी रोटी आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है, मगर डायबटिक पेशेंट्स के लिए इसका सेवन थोड़ा रिस्की हो सकता है। गेहूं के आटे में एंटी-ऐड्पोस पाए जाते हैं जो बॉडी में फैट को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। अगर शूगर पेशेंट्स गेंहूं का सेवन ज्यादा करते हैं, तो उनका शूगर लेवल कभी कंट्रोल नहीं होगा। अब रोटी खाए बिना गुजारा नहीं हो सकता, ऐसे में शूगर पेशेंट्स के लिए आयुर्वेद में कुछ खास प्रकार का आटे से बनी रोटी बताई गई है, जिसके सेवन से आपका शूगर लेवल ठीक रहेगा। आपको किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना होगा।
हाई-फाइबर युक्त आटा
शूगर के मरीज के हमेशा फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए। ऐसे में जवार, बाजरा, ओट्स, किनवा और ब्रैन जैसे अनाज हाई फाइबर डाइट की लिस्ट में आते हैं। इनमें से कोई भी अनाज खाने से आपका ग्लाइसेमिक अच्छे से रिसपॉन्स करेगा, जिससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा बराबर बनी रहेगी और आपको शूगर लेवल भी ठीक रहेगा।
होल ग्रेन आटा
फाइबर युक्त आटे के अलावा आपको होल ग्रेन आटे का सेवन करना चाहिए। जिसमें रागी, बाजरा, मकई का आटा या बाजरे का आटा मिक्स होता है। यह आपका पेट काफी देर तक भरा रखता है।
चने का आटा
चने का आटा तो शूगर पेशेंट्स के लिए रामबाण डाइट है। चने का आटा शूगर कंट्रोल रखने के साथ-साथ शरीर में खून की कमी भी पूरी करता है। प्रेगनेंट औरतों के लिए भी इस आटे की रोटी काफी फायदेमंद होती है।
ब्रेड
इसके अलावा यदि आप बाजार में मिलने वाली ब्रेड खाते हैं तो ब्राउन ब्रेड, होल ग्रेन ब्रेड और मल्टी ग्रेन ब्रेड आपके लिए फायदेमंद रहेगी। इसके अलावा मार्किट में ऑरगेनिक आटा भी मौजूद है। अगर आपको इनमें से किसी प्रकार का आटा खान से एलर्जी या फिर कोई अन्य समस्या है तो आप ऑरगेनिक आटे का सेवन करें।
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