
मुंबईः एक ट्वीट किसी को कहां से कहां तक ले जा सकता है। इसका एक उदाहरण तुर्की में देखने को मिला, जहां मिस तुर्की को इसकी वजह से कुछ घंटों में ही अपना ताज गंवाना पड़ा। दरअसल, मिस तुर्की ने 2016 में तख्तापलट को लेकर एक ट्वीट किया, जिस पर बाद में काफी विवाद हुआ और उनसे यह खिताब छीन लिया गया।
18 साल की इटिर एसेन ने गुरुवार की रात मिस तुर्की 2017 का सम्मान जीता और वह इस साल मिस वर्ल्ड की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली थी। लेकिन ऑर्गनाइजर्स ने उनके ट्वीट के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। मिस तुर्की प्रतियोगिता के आयोजकों ने इतिर के संदेश को बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए उनका ताज छीन लिया है।
दरअसल, 15 जुलाई 2017 को तख्तापलट की नाकाम कोशिश के एक साल पूरे होने के मौके पर इतिर ने ट्विटर पर लिखा था, ‘आज सुबह मेरा मासिक धर्म शुरू हो गया। मेरे शरीर से निकलने वाला खून तख्तापलट के इरादे पर पानी फेरने वाले शहीदों को मेरी श्रद्धांजलि है।’ मिस तुर्की प्रतियोगिता के आयोजकों को जब इस ट्वीट की जानकारी मिली तो उन्होंने इतिर से ताज छीनने का फैसला कर लिया।
मुख्य आयोजककर्ता कैन सैंडिकसिकोगोलु के मुताबिक 18 वर्षीय इतिर का ट्वीट शहीदों का अपमान है। इसे कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इतिर से ताज छीनना काफी अफसोसजनक है। उनकी जगह प्रतियोगिता में प्रथम उपविजेता बनकर उभरी असली सुमेन को नई ‘मिस तुर्की’ घोषित किया जाता है।
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