हमास ने पहली बार संगठन के मिलिट्री विंग अल कासिम ब्रिगेड के मुखिया मोहम्मद दीफ के मारे जाने की बात स्वीकार की है। अरबी अखबार अशरक अल-अवसत ने हमास के सूत्रों के हवाले से बताया है कि गाजा के लादेन कहे जाने वाले दीफ की हत्या हो चुकी है। इजरायल ने महीनों पहले मोहम्मद दीफ के मारे जाने की पुष्टि कर दी थी। अरबी स्रोत के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा पट्टी के अंदर और बाहर समूह के नेतृत्व को दीफ की हत्या की पुष्टि करने वाले नए संकेत मिले हैं।
इजरायल ने जुलाई में की थी हत्या – इजरायली सेना (IDF) ने इसी साल जुलाई में घोषणा की थी कि उन्होंने खान यूनिस के पास अल-मवासी इलाके में एक हमले में दीफ को मार गिराया है, लेकिन हमास ने इस बात से इनकार किया था कि वह मारा गया है। अब हमास सूत्रों ने अशरक अल-अवसत को बताया कि दीफ के आसपास के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इजरायली अभियान में निशाना बनाए जाने के बाद से दीफ के साथ संपर्क टूट गया था।
दीफ का मिला था आधा शरीर – सूत्रों ने कहा कि दीफ के आसपास के अधिकारियों ने एक लिखित संदेश दिया जिसमें पुष्टि की गई कि उसके साथ संपर्क टूट गया था। यह भी बताया गया कि 13 जुलाई को उस पर हुए हमले के कुछ दिनों बाद लक्ष्य के स्थान पर एक व्यक्ति का आधा शरीर पाया गया था। इसके बारे में अशरक अल-अवसत की रिपोर्ट का दावा है कि वह मोहम्मद दीफ का हो सकता है।
अरबी न्यूज आउटलेट के अनुसार, कथित शव को कई घंटों तक रखा गया था। कब्रिस्तान में दफनाए जाने से पहले उसके सैंपल लिए गए थे। हमास सूत्रों ने बताया कि सैंपल के आधार पर दीफ की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों ने पुष्टि की कि आधा मिला शरीर उसी का था। हालांकि, परिवार के कुछ करीबियों ने हत्या को लेकर संदेह जारी किया था। हालांकि, लंबे समय तक संपर्क न होने के बाद समूह को यकीन हो गया वह मारा जा चुका है।
लीक हुई थी लोकेशन – हमास ने दो संदिग्धों की जांच की थी, जिन्होंने कथित तौर पर दीफ की लोकेशन इजरायल को लीक की थी। सूत्रों ने बताया कि हमास ने दो लोगों की भी जांच की। रिपोर्ट ने उन्हें मेल मैसेंजर कहा गया था। पहला संदिग्ध राफा का रहने वाला है, जो अल-कासिम ब्रिगेड के नेताओं के बीच संदेश पहुंचाता था। कथित तौर पर उसके साथ दूसरा संदिग्ध भी था, जो अल कासिम की खान यूनिस शाखा के प्रमुख राफा सलामा को सीधे संदेश पहुंचाता था। सलामा जुलाई में दीफ के साथ मारा गया था। सूत्रों ने अशरक अल-अवसत को सलामा की मौत की पुष्टि की। उसे शहर के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया था।