
लीड्स में पारी की हार के बाद वापसी की कवायद में जुटी भारतीय टीम आज ओवल में जब इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में उतरेगी तो सभी की नजरें खराब फॉर्म से जूझ रहे अजिंक्य रहाणे, ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पेसर ईशांत शर्मा को लेकर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर टिकी होंगी।
लॉर्ड्स में जीत के बाद भारतीय बैटिंग ऑर्डर ने हेडिंग्ले में दोनों पारियों में निराश किया। ओवल में होने वाला यह टेस्ट काफी अहम होगा क्योंकि दोनों ही टीमें इसमें जीत दर्ज करके सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेंगी।
कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि लॉर्ड्स की जीत ने अगले टेस्ट में जीत सुनिश्चित नहीं की और हेडिंग्ले में हार का मतलब यह नहीं है कि ओवल में भी यही कहानी दोहराई जाएगी। अभी पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर चल रही है। उधर, इंग्लैंड के इलेवन में भी कुछ बदलाव संभव हैं क्योंकि मार्क वुड और क्रिस वोक्स की वापसी हुई है जबकि जोस बटलर निजी वजहों से इस मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
अश्विन या जडेजा : रविंद्र जडेजा इस सीरीज में सातवें नंबर पर मुख्य रूप से बल्लेबाज के रूप में खेले हैं क्योंकि वह अश्विन से बेहतर बल्लेबाज हैं। अश्विन हालांकि इस समय संभवत: दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं जबकि जडेजा तीन मैचों में सिर्फ दो विकेट हासिल कर पाए हैं। ओवल की पिच से पारंपरिक रूप से स्पिनरों को मदद मिलती है और समरसेट के खिलाफ काउंटी मैच में सरे की ओर से छह विकेट चटकाने वाले अश्विन को टीम में मौका मिल सकता है क्योंकि अतीत में वह इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर चुके हैं।
हनुमा या रहाणे : भारतीय कप्तान जानते हैं कि उनके बल्लेबाजी क्रम में सब कुछ ठीक नहीं है और उनकी सबसे बड़ी चिंता मध्यक्रम है जिसमें वह, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे तीन दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं। पुजारा ने लीड्स में तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 91 रन की प्रभावी पारी खेलकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए लेकिन रहाणे एक बार फिर नाकाम रहे।
पांच पारियों में 19 की औसत 95 रन रहाणे की क्षमता को नहीं दर्शाते हैं और सूर्यकुमार यादव जैसे आक्रामक बल्लेबाज या हनुमा विहारी जैसे पारंपरिक खिलाड़ी मध्यक्रम में नयापन ला सकते हैं। रहाणे को अगर बाहर किया जाता है तो विहारी के टीम में जगह बनाने की संभावना अधिक है क्योंकि वह ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
ईशांत या शार्दुल : कप्तान कोहली हालांकि दिखा चुके हैं कि सुनील गावसकर सहित भारत के दिग्गज क्रिकेटरों के सुझाव के बावजूद वह अपनी पसंद की टीम के साथ खड़े हैं। गावसकर का मानना है कि अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने से मदद मिल सकती है।
ओपनर्स को छोड़कर अन्य बल्लेबाजों की विफलता के बावजूद कोहली ने पांच गेंदबाजों के साथ उतरने के अपने फैसले को बरकरार रखा है। चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का कोहली का मोह जगजाहिर है। वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे ईशांत शर्मा की जगह ऑलराउंडर की भूमिका निभाने वाले शार्दुल ठाकुर को मौका दे सकते हैं।
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