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ये उड़ाएंगी फाइटर प्लेन, ट्रेनिंग इतनी सीक्रेट कि घरवालों को भी नहीं था पता

Fighter Plainनई दिल्ली/भोपाल. देश को तीन पहली वुमन फाइटर पायलट मिल गई हैं। इन्हें 18 जून को वायुसेना में कमीशन किया जाएगा। मंगलवार को इंटरनेशनल वुमन्स डे पर इसका एलान एयरफोर्स चीफ ने किया। इनकी ट्रेनिंग इतनी सीक्रेट थी कि घरवालों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। किस तरह ले रही हैं ट्रेनिंग, एयरफोर्स चीफ ने क्या कहा…

 

– अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत, देश की पहली महिला फाइटर पायलट होंगी।

– तीनों कैडेट्स की अभी हैदराबाद में ट्रेनिंग चल रही है।

– एयरफोर्स चीफ एयर मार्शल अरुप राहा ने मंगलवार को वुमन डे पर इसका एलान किया। पहला बैच इसी साल 18 जून को पासआउट होगा।

– राहा के मुताबिक, तीन महिला ट्रेनी पायलट्स ने फाइटर प्लेन को उड़ाने की इच्छा जताई थी। फिलहाल उनकी सेकंड फेज की ट्रेनिंग चल रही है।

– ट्रेनिंग कम्प्लीट होने के बाद 18 जून को उनकी पासिंग आउट परेड होगी।

– इन तीनों पायलट्स को जेट प्लेन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। उनकी पोस्टिंग रेग्युलर स्क्वॉड में होगी।

कौन हैं ये तीनों पायलट?

-अवनी मध्य प्रदेश के रीवा से हैं। उनके पिता एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और भाई आर्मी में हैं।

-भावना बिहार के बेगुसराय की रहने वाली हैं।

-मोहना गुजरात के वडोदरा की हैं। उनके पिता एयरफोर्स में वारंट ऑफिसर हैं।

फाइनल ट्रेनिंग हॉक एडवांस जेट ट्रेनर पर लेंगी

– तीनों कैडेट्स अभी स्टेज-2 ट्रेनिंग में किरण मार्क टू उड़ा रही हैं।

– आईएएफ एकेडमी से ग्रैजुएट होने के बाद स्टेज-3 में छह महीने के लिए फाइनल ट्रेनिंग हॉक एडवांस जेट ट्रेनर पर लेंगी।

– 2017 में वे पूरी तरह से फाइटर पायलट बन जाएंगी।

अभी सारा फोकस इन्स्ट्रक्टर्स की उम्मीदों पर खरे उतरने पर है : भावना कांत

– फ्लाइंग कैडेट भावना कांत कहती हैं, “अभी तो कुछ खास महसूस नहीं हो रहा है। हमारा पूरा फोकस अपनी ट्रेनिंग, अपने इन्स्ट्रक्टर्स की उम्मीदों पर खरे उतरने और सारे एग्जाम्स क्लियर करने पर है।”

– मोहना सिंह कहती हैं, “फाइटर पायलट बनना मेरा बचपन का सपना था। हमें कोई छूट नहीं है। फीजिकल फिटनेस या मेंटल रोबस्टनेस और टेस्ट्स, सभी कुछ सेम है।”

– अवनी चतुर्वेदी कहती हैं, “यह एक बहुत ही एडवेंचरस लाइफ है। कोई भी एयर फोर्स अपने फाइटर्स से ही डिफाइन होती है। हम सभी थ्रिल्ड हैं।”

– IAF हेडक्वार्टर्स के सूत्रों ने कहा, “यह हमारे लिए एक लर्निंग एक्सपीरियंस है। ऐसा पहली बार होगा कि वुमन कैडेट्स फाइटर एयरक्राफ्ट की कॉकपिट में बैठेंगी। यह हम सब के लिए भी एक लेसन है। उनके एक्सपीरियंस से हमें फायदा होगा।”

सेना में महिलाओं ने ऐसे जीती लड़ाई

 

– महिलाओं को आर्म्ड फोर्सेज ज्वाइन करने की मंजूरी 1990 की शुरुआत में मिली थी।

– कानूनी लड़ाई और पॉलिसी में बदलाव के बाद महिलाओं को परमानेंट कमीशन देने पर सहमति बनी। इनकी संख्या अभी 340 है।

– 1991 में पहली बार वुमन पायलट्स ने हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाना शुरू किया।

– 2012 में 2 वुमन फ्लाइट लेफ्टिनेंट अलका शुक्ला और एमपी शुमाथि ने लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स के लिए ट्रेनिंग पूरी की।

– फरवरी 2016 में प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी ने संसद में एलान किया कि सेना में महिलाएं आगे चलकर सभी कॉम्बैट रोल्स निभाएंगीं।

इंडियन आर्म्ड फोर्सेज में वुमन ऑफिसर्स

 

– आर्मी : 1436

– एयर फोर्स : 1331

– IAF में पायलट : 94

– नेवी : 413

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