
कुछ उपाय बड़े काम के होते हैं जोकि परम्परा के रूप में या श्रुतिनुसार किए जाते हैं। उन्हीं में से कुछ इस प्रकार हैं :
* शनिवार की अमावस्या को पीपल वृक्ष की पूजा और 7 परिक्रमा करके काले तिल से युक्त सरसों के तेल के दीपक को जलाकर छायादान करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
* अनुराधा नक्षत्र से युक्त शनिवार की अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के पूजन से शनि पीड़ा से व्यक्ति मुक्त हो जाता है।
* श्रावण मास में अमावस्या की समाप्ति पर पीपल वृक्ष के नीचे शनिवार के दिन हनुमान की पूजा करने से सभी तरह के संकट से मुक्ति मिल जाती है।
* बरगद के एक पत्ते पर आटे का दीया जलाकर उसे मंगलवार को किसी भी हनुमान मंदिर या पीपल के वृक्ष के नीचे रख आएं और प्रार्थना करें। इस उपाय से कर्ज से छुटकारा मिलता है।
* पीपल के वृक्ष पर प्रतिदिन जल अर्पित करने और हनुमान चालीसा पढऩे से पितृदोष का शमन होता है।
* पवित्र पीपल और बरगद के पेड़ लगाने से भी पितरों को शांति मिलती है और दोष में कमी आती है। पीपल के वृक्ष पर दोपहर में जल, पुष्प, अक्षत, दूध, गंगाजल, काले तिल चढ़ाएं और स्वर्गीय परिजनों का स्मरण कर उनसे आशीर्वाद मांगें।
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