
ढाका: बांग्लादेश के सिलहट शहर में एक इमारत में छिपे इस्लामी आतंकवादियों के खिलाफ सेना के कमांडो की रविवार को की गई कार्रवाई में दो इस्लामी आतंकवादी मारे गए। एक दिन पहले इमारत परिसर के बाहर हुए बम धमाकों में छह व्यक्तियों की मौत हो गई थी जबकि 50 अन्य घायल हो गए थे। इन धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल फखरूल अहसन ने कहा कि कमांडो ने पांच मंजिला इमारत के भूतल पर आत्मघाती जैकेट पहने दो आतंकवादियों को देखा और दोनों को मार गिराया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कमांडो ने आतंकवादियों को पांच मंजिला इमारत के भूतल पर देखा और गोलियां चलाईं। हम इसकी पुष्टि कर सकते हैं कि दोनों मारे गए।’’ उनमें से एक की आत्मघाती जैकेट में विस्फोट भी हो गया। अहसन ने कहा कि सैन्य अभियान अभी भी चल रहा है क्योंकि हथियार, विस्फोटक और ग्रेनेड से लैस और आतंकवादी इमारत में छिपे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा क्षेत्र जोखिम वाला बन गया है। समग्र स्थिति को देखते हुए अभियान को पूरा होने में और समय लगेगा।’’ यह घटनाक्रम कमांडो द्वारा आतंकवादियों का इमारत से सफाया करने के लिए अंतिम अभियान शुरू करने के कुछ घंटे बाद आया है। शनिवार रात से आतंकवादियों द्वारा किए गए जवाबी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। प्रवक्ता ने कहा कि कमांडो ने इमारत के उपर से इमारत में प्रवेश किया और उसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े। गत शनिवार को इमारत के पास स्थित भीड़भाड़ वाले स्थान पर दो शक्तिशाली बम विस्फोट हुए थे जिसमें दो पुलिसकर्मियों सहित छह व्यक्ति मारे गए थे और 50 अन्य घायल हो गए थे। इसके कुछ ही घंटे बाद इस्लामिक स्टेट ने अपनी संवाद समिति ‘अमाक’ के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली। उसने कहा कि हमले के निशाने पर सुरक्षा बल थे। गत आठ दिनों में बांग्लादेश में यह तीसरा एेसा हमला है जिसकी जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली है। बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान ने यद्यपि आईएसआईएस के दावे को खारिज किया और कहा कि देश में किसी विदेशी आतंकवादी समूह की कोई मौजूदगी नहीं है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website