
फ्रेंच ओपन फाइनल में रविवार रात नोवाक जोकोविच को कड़ी टक्कर देते हुए स्टेफानोस सितसिपास भारी सदमे से गुजर रहे थे। खिताबी मुकाबला शुरू होने से ठीक पांच मिनट पहले उन्हें पता लगा कि दादी की मौत हो गई। इस दर्द के साथ ही वह फाइनल में कोर्ट पर उतरे और जोकोविच का सामना किया। हालांकि चार घंटे चले फाइनल में वह दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी को नहीं हरा पाए।
एमेजॉन सुपर वैल्यु डेज में होम अप्लायंसेज/फैशन और भी बहुत कुछ… पाएं 60% तक की छूट : यूनान के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा किया है। सितसिपास का यह पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था। उन्होंने अपने पिता का ध्यान रखने के लिए दादी को धन्यवाद किया और उन्हें ऐसी बुद्धिमान महिला करार दिया, जिनकी जीवन में विश्वास और दूसरों की मदद करने के मामले में किसी से तुलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया को ऐसे और लोगों की जरूरत है। क्योंकि उसके जैसे लोग आपको जिंदादिल बनाते हैं। आपको सपने देखना सिखाते हैं।’
ऐसा रहा था फाइनल : इस ग्रीक खिलाड़ी को जोकोविच ने फाइनल में 6-7, 2-6, 6-3, 6-2, 6-4 से हराया था। पांचवीं सीड सितसिपास भारी पड़ रहे थे। 7-6, 6-2 से शुरुआती दो सेट जीत भी चुके थे, लेकिन विश्व के नंबर-1 खिलाड़ी ने जोरदार तरीके से वापसी की और अगले तीन सेट अपने नाम कर फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया। जोकोविच इसके साथ ही सभी चार ग्रैंडस्लैम को कम से कम दो बार जीतने वाले ओपन ऐरा के पहले और ओवरऑल तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेनिस खिलाड़ी रॉय एमर्सन और ऑस्ट्रेलिया के ही पूर्व खिलाड़ी रॉड लेवर ने यह कारनामा किया था। सर्बियाई खिलाड़ी ने इससे पहले 2016 में ब्रिटेन के एंडी मरे को हराकर फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था।
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