
तुर्की में राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी इंस्ताबुल के मेयर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद देश भर में बवाल शुरू हो गया है। अलग-अलग शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इमामोग्लू को कुछ दिनों में एर्दोगन के खिलाफ विपक्ष का राष्ट्र्पति उम्मीदवार चुना जाना था।
तुर्की में इस्लामिक खिलाफत वापस लाने का मंसूबा रखने वाले राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन विरोधियों को पूरी तरह से कुचल देने में जुट गए हैं। तुर्की की पुलिस ने एर्दोगन के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी और देश की सबसे बड़ी आबादी वाले शहर इस्तांबुल के मेयर को हिरासत में ले लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अगले राष्ट्रपति चुनाव से पहले सभी संभावित दावेदारों को हटाना और एर्दोगन के आगे के शासन के लिए राह आसान करना है। इमामोग्लू को भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ जांच के तहत हिरासत में लिया गया है।
मेयर समेत 100 लोग हिरासत में – इमामोग्लू के खिलाफ कार्रवाई के बाद तुर्की में विपक्षी भड़क गए हैं। तुर्की के मुख्य विपक्षी दल ने इस कार्रवाई को ‘अगले राष्ट्रपति के खिलाफ तख्तापलट’ कहा और इसकी निंदा करते हुए बड़े पैमाने पर विरोध का आह्वान किया है। मेयर इमामोग्लू से जुड़े करीब 100 और लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनमें इस्तांबुल डिस्ट्रिक्ट मेयर रेसुल इमरान साहन और मूरत कालिक शामिल हैं।
एर्दोगन के खिलाफ संभावित उम्मीदवार – 54 वर्षीय इमामोग्लू की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब कुछ ही दिनों में उन्हें प्रमुख विपक्षी रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (CHP) का आधिकारिक राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया जाना था। इमामोग्लू कई सर्वेक्षणों में एर्दोगन से आगे चल रहे हैं। उनके खिलाफ दो अलग-अलग जांच चल रही है, जिसमें आपराधिक संगठन का नेतृत्व करने, रिश्वतखोरी और टेंडर में धांधली के आरोप भी शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हाथ से लिखे एक पत्र में मेयर इमामोग्लू ने कहा कि तुर्की के लोग उनके खिलाफ झूठ, साजिश और जाल बुनने का जवाब देंगे। इसके पहले घर से पुलिस स्टेशन के लिए निकलने से पहले उन्होंने कहा कि वे दबाव आगे हार नहीं मानेंगे। इस बीच एर्दोगन के न्याय मंत्री ने इमामोग्लू की हिरासत को तख्तापलट कहने और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के खिलाफ चेतावनी दी है।
गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन – सरकार की सख्ती के बावजूद बुधवार को इस्तांबुल के साराचाने में हजारों लोग इकठ्ठा हुए, जहां सीएचपी नेता ओजगुर ओजेल ने उन्हें संबोधित किया और कहा कि एर्दोगन ने चुनाव में हारने के डर से इमामोग्लू को निशाना बनाया। ओजेल ने कहा कि ‘आज एर्दोगन न्यायपालिक की लाठी से इकरेम इमामोग्लू की कलाई तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे वे तीन बार नहीं मोड़ सके थे।’
इमामोग्लू के खिलाफ कार्रवाई विरोध में राजधानी अंकारा में भी प्रदर्शन हुए हुए और सैकड़ों लोगों ने उनकी हिरासत का विरोध करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसे गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। इजमिर और ट्रैबजोन जैसे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन और सभाएं हुईं।
विपक्ष ने कहा- अगले राष्ट्रपति के खिलाफ तख्तापलट – ओजेल ने कहा, ‘तुर्की अगले राष्ट्रपति के खिलाफ तख्तापलट से गुजर रहा है। हम यहां तख्तापलट के प्रयास का सामना कर रहे हैं।’ उन्होंने पहले कहा था कि उनकी पार्टी रविवार को इमामोग्लू को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुनेगी, चाहे कुछ भी हो। तुर्की में अगला चुनाव 2028 में होना है, लेकिन एर्दोगन पहले प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने के बाद राष्ट्रपति के रूप में अपनी दो-कार्यकाल की सीमा तक पहुंच चुके हैं। यदि वह फिर से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें जल्दी चुनाव कराना होगा या संविधान बदलना होगा। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि तीसरे कार्यकाल के लिए एर्दोगन जल्दी चुनाव करा सकते हैं।
Home / News / तुर्की के ‘खलीफा’ एर्दोगन विरोधियों को कुचलने में जुटे, विपक्षी नेता की गिरफ्तारी के बाद भारी बवाल, देशभर में सड़क पर लोग
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