
पिछले हफ्ते जिस तरह से उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किये हैं, उस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान गया है। साथ ही सबकी चिंतायें भी बढ़ गई हैं। कुछ अमेरिकी अधिकारियों और हथियारों के विशेषज्ञों की मानें तो उत्तर कोरिया का यह कदम आने वाले दिनों में परमाणु अभ्यास की तरफ एक बड़ा संकेत देने वाला है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की मानें तो उत्तर कोरिया एक के बाद एक कई शॉर्ट रेंज की बैलेस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करता जा रहा है। साथ ही इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (ICBM) के टेस्ट को उन्होंने अमेरिका, दक्षिण कोरिया, एयरक्राफ्ट और बड़े शहरों पर हुआ एक तरह का नकली हमला करार दिया है।
उत्तर कोरिया ने दी धमकी – उत्तर कोरिया ने पिछले दिनों जो कुछ भी किया है, वह दरअसल उस युद्धाभ्यास की प्रतिक्रिया थी जो अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच जारी है। इस अभ्यास को विजिलेंट स्टॉर्म के तौर पर जान जा रहा है। पेंटागन का कहना है कि इस युद्धाभ्यास का मकसद अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाना है। लेकिन साथ ही यह दोनों देशों की शक्ति का भी प्रदर्शन है।
उत्तर कोरिया ने कहा है कि इन दोनों देशों को इतिहास की सबसे भारी कीमत चुकानी होगी। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विस्तार करने के लिए अमेरिका की आलोचना की है। उत्तर कोरिया दावा करता है कि ये संभावित आक्रमण का युद्धाभ्यास है और उसने पिछले दिनों अमेरिका और दक्षिण कोरिया को इसके जवाब में ‘अधिक प्रभावशाली उपायों’ की चेतावनी दी है।
नॉर्थ कोरिया करेगा परमाणु टेस्ट – अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में अधिकारी जॉन कीर्बी ने न्यूजवीक मैगजीन को बताया है कि अमेरिका, उत्तर कोरिया की इस आक्रामकता को लेकर खासा चिंतित है। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप से मिलने वाली इंटेलीजेंस उत्तर कोरिया के बर्ताव के बारे में बेहतर जानकारी मुहैया कराती है। अमेरिका की तरफ से चेतावनी दी गई है कि उत्तर कोरिया, सांतवां परमाणु परीक्षण कर सकता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ली जोंग-सप ने उत्तर कोरिया की तरफ से होने वाले लॉन्च को लेकर एकजुटता दिखाई है। ऑस्टिन ने कहा, ‘ऐसे समय में जब तनाव चरम पर है तो हमारा गठबंधन लोहे की तरह मजबूत है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका, कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अमेरिका का रुख उत्तर कोरिया को लेकर बहुत ज्यादा आक्रामक है।
अमेरिका रोकेगा हमला – सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में सिक्योरिटी प्रोग्राम में फेलो इयान विलियम्स का कहना है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हो रहा युद्धाभ्यास हालिया वर्षों में उठाया गया सबसे महत्वपूर्ण रक्षात्मक कदम है। विलियम्स का कहना है कि अमेरिका न केवल किसी परमाणु हमले को रोक सकता है बल्कि अगर ऐसा कोई हमला हुआ तो फिर उसका बराबर जवाब भी देगा। ऐसा करके नुकसान को कम से कम किया जायेगा। मिडकोर्स डिफेंस सिस्टम जमीन पर मौजूद वह तंत्र है जो किसी भी परमाणु हमले से अमेरिका को बचायेगा।
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