Monday , March 4 2024 7:59 AM
Home / Entertainment / Bollywood / ह है शाहरुख, अक्षय और सोनाक्षी का रियल लाइफ ‘इत्तेफाक’

ह है शाहरुख, अक्षय और सोनाक्षी का रियल लाइफ ‘इत्तेफाक’


‘इत्तेफाक’ फिल्म के साथ कुछ ऐसा हो रहा है, जैसा अभी तक बॉलीवुड में देखा नहीं गया है। इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर मुहीम चलाई जा रही है कि फिल्म को देखने वाले इसके सस्पेंस को बाकी लोगों के साथ शेयर न करें।

शाहरुख खान और अक्षय कुमार ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करके दर्शकों के साथ इसके सस्पेंस को सस्पेंस बनाए रखने की गुहार लगाई है। शाहरुख खान ने तो ‘बाहबुली’ फिल्म तक की दुहाई दे डाली है। उन्होंने कहा है, “अगर ‘बाहबुली’ फिल्म के दूसरे पार्ट को देखने जाने से पहले पता होता कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा तो फिल्म देखने कौन जाता…इसलिए ‘इत्तेफाक’ को लेकर भी सस्पेंस बनाए रखें।”

अक्षय कुमार ने भी अपने ट्विटर एकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने दर्शकों से कहा है कि फिल्म की कद्र करें और यह किसी को न बताएं कि कातिल कौन है। अक्षय कुमार ने कहा है कि ‘इत्तेफाक’ फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा कातिल हो सकती हैं, सिद्धार्थ मल्होत्रा भी कातिल हो सकते हैं, अक्षय खन्ना हो सकते हैं या फिर मैं भी कातिल हो सकता हूं। उन्होंने अपना नाम लेकर फिल्म से जुड़े सस्पेंस को और गहरा करने की कोशिश की है।

शाहरुख़ ने कहा कि अगर आज उनके माता-पिता उन्हें देखते तो बहुत ख़ुश होते। मां को याद करते हुए शाहरुख़ ने उनकी फेवरेट फिल्म के बारे में बताया। दरअसल, अपने होम प्रोड्क्शन की आने वाली फिल्म इत्तेफ़ाक को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान शाहरुख़ ने कहा कि, 1969 में आई राजेश खन्ना स्टारर फिल्म इत्तेफ़ाक का नई इत्तेफ़ाक रीमेक है। यह फिल्म मेरी मां की फेवरेट फिल्म थी। शाहरुख़ कहते हैं कि, जब मैं बड़ा हो रहा था तब मेरी मां की फेवरेट फिल्म इत्तेफ़ाक थी। इसमें राजेश खन्ना जी और नंदा जी दोनों ने ही अच्छा काम किया। मुझे इसकी कहानी इंट्रेस्टिंग लगी। यह बहुत एक्साइटिंग है कि, अभय और कपिल चोपड़ा ने क्लासिक फिल्म का रीमेक बनाया।

राजेश खन्ना की इत्तेफ़ाक का अपनी फेवरेट थ्रिलर फिल्म बताते हुए शाहरुख़ ने कहा कि, मैंने देवदास की है जो कि पहले आई क्लासिक देवदास से बेहतर कभी नहीं हो सकती। यही बात मेरी फिल्म डॉन पर लागू होती है जो कि अमिताभ बच्चन साहब की फिल्म डॉन से अच्छी नहीं हो सकती। कही न कही यह एक रीइंट्रोड्यूस करने का तरीका है जिससे यंगस्टर्स को भी इन फिल्मों के बारे में पता चले। इसलिए इस दिशा में इत्तेफ़ाक भी एक कदम है। आशा करते हैं कि यंगस्टर्स को यह फिल्म पसंद आएगी।