
रियाद/वाशिंगटन : अमेरिका आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट आईएस के खत्मे को लेीकर प्रतिबद्ध है. यही कारण है कि कैंप डेविड में खाडी देशों के नेताओं के स्वागत के एक साल बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर आज इन नेताओं से मुलाकात की और उम्मीद जताई कि वे आतंकवादियों के खिलाफ लडाई में ज्यादा दृढता से प्रतिबद्ध हो सकते हैं. राष्ट्रपति के तौर पर ओबामा के कार्यकाल में सिर्फ नौ माह बचे हैं. इस दौरान उन्हें अपने उन सुन्नी सहयोगियों को पुन: विश्वास जताने की कोशिश करनी चाहिए, जो उनके क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी यानी शिया बहुल ईरान के साथ अमेरिका के बढते संबंधों से नाराज हैं.
इराक और सीरिया के व्यापक हिस्सों पर कब्जा कर चुके इस्लामिक स्टेट के खिलाफ हाल के महीनों में प्रगति होने के बाद ओबामा ने सउदी की राजधानी में खाडी देशों की सहयोग परिषद के शिखर सम्मेलन में शिरकत की. सउदी अरब और अन्य खाडी देश अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हैं. यह गठबंधन आईएस के खिलाफ हवाई हमले करता है. इराक में लगभग 4000 अमेरिकी सैनिक इस अभियान के तहत तैनात हैं. यह अभियान आतंकियों से लड रहे स्थानीय बलों को प्रशिक्षण एवं मदद देता है.
रियाद में राष्ट्रपति ओबामा के साथ मौजूद रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने सोमवार को यह घोषणा की कि जिहादियों के खिलाफ मिली बढत को आगे बढाने के लिए अमेरिका इराक में और अधिक सैनिक और अपाचे हमलावर हेलीकॉप्टर भेजेगा. बुधवार को कार्टर ने आर्थिक संकट के साथ-साथ चरमपंथियों से लड रहे इराक में खाडी देशों के अधिक वित्तीय एवं राजनीतिक भागीदारी की अपील की.
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