
मामला बेल्जियम का है। जहां एक किसान ने अनजाने में फ्रांस के साथ लगी अपने देश की सीमा में फेरबदल कर दिया। यह घटना दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, शख्स की इस नादानी के कारण फ्रांस की सीमा छोटी हो गई। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय हंगामे की जगह सीमा के दोनों तरफ मुस्कुराहट ही बिखेरी!
इतने मीटर खिसका हुआ था पत्थर : बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों की सीमा को चिन्हित करने वाला ये पत्थर 2.29 मीटर (7.5 फीट) खिसका हुआ था। माना जा रहा है कि बेल्जियम का यह किसान अपने ट्रैक्टर के रास्ते में आने वाले इस पत्थर (बॉर्डर पिलर) को लेकर काफी नाराज रहता था, जिसके कारण उसने पत्थर को अनजाने में फ्रांसीसी इलाके में खिसका दिया।
बेल्जियम को बना दिया बड़ा : बेल्जियम के गांव एरक्वेलाइन्स के मेयर डेविड लावॉक्स ने फ्रेंच टीवी चैनल ‘टीएफ1’ से कहा, ‘उस किसान ने बेल्जियम को बड़ा और फ्रांस को छोटा बना दिया। ये अच्छा आइडिया नहीं है।’ उन्होंने कहा कि ऐसे कदम से जमीन मालिकों में विवाद हो जाता है, ये तो पड़ोसी देशों की बात थी। जानकारी के मुताबिक, बेल्जियम के किसान ने जो पत्थर अपने रास्ते से हटाया है, वो सीमा निर्धारित करने के लिए 1819 में लगाया गया था।
सीमा के दोनों तरफ मुस्कान बिखरी! : इस मामले पर बेल्जियम के मेयर ने हंसते हुए कहा, ‘मैं तो खुश था क्योंकि मेरा शहर बड़ा हो गया था, लेकिन फ्रांसीसी इलाके के मेयर राजी नहीं थे।’ वहीं पड़ोसी फ्रांसीसी गांव के मेयर वेलोन्क ने भी मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की, ‘हम एक नए सीमा युद्ध से बचने में सफल हो जाएंगे।’ बता दें, फ्रांस और बेल्जियम के बीच 620 किलोमीटर की सीमा है। वॉटरलू में नेपोलियन की हार के 5 वर्षों बाद 1820 में कोरट्रिक की संधि के बाद ये सीमा निर्धारित हुई थी।
अगर किसान ने नहीं मानी ये बात : बेल्जियम के स्थानीय अधिकारी किसान से पत्थर को उसकी पुरानी जगह पर रखने को कहेंगे। अगर वो नहीं माना तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। साथ ही, मामला बेल्जियम के विदेश मंत्रालय में भी जा सकता है, जिसे 1930 के बाद से निष्क्रिय पड़े फ्रैंको-बेल्जियम सीमा आयोग को तलब करना होगा।
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