
पोप फ्रांसिस ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते कुछ पारिवारिक परेशानियां बढ़ गई हैं, लेकिन विवाहित लोगों को विवाह के संबंध में तीन शब्दों ‘आग्रह, आभार तथा क्षमा’ को सदैव याद रखना चाहिये। फ्रांसिस का विवाहित दंपत्तियों को लिखा एक पत्र रविवार को यीशु के परिवार की स्मृति में एक कैथोलिक उत्सव के दिन जारी हुआ।
पोप ने पत्र में लिखा कि लॉकडाउन और पृथकवास के चलते परिवारों को अधिक समय साथ बिताने का अवसर मिला था, लेकिन इस तरह जबरदस्ती साथ रहना कई बार माता-पिता और भाई-बहनों के धैर्य की परीक्षा लेता है और कुछ मामलों में परेशानियों का कारण बनता है। फ्रांसिस ने पत्र में लिखा, ‘पहले से व्याप्त परेशानियां और बढ़ गई हैं, जिससे संघर्ष पैदा हो रहे हैं। कुछ मामलों में ये संघर्ष असहनीय हो जाते हैं। कई बार तो रिश्ते में अलगाव तक की नौबत आ जाती है।’
उन्होंने लिखा, ‘विवाह का टूटना काफी दुखदायी होता है क्योंकि कई आशाएं दम तोड़ देती हैं और गलतफहमियों के चलते टकराव बढ़ता है और इस पीड़ा से आसानी से पार नहीं पाया जा सकता। बच्चों को अपने माता-पिता को अलग-अलग देखकर पीड़ा का सामना करना पड़ता है।’ पोप ने कहा, ‘याद रखिये, क्षमा हर घाव को भर देती है।’ पोप ने कहा कि विवाह के संबंध में तीन महत्वपूर्ण शब्द सदैव याद रखें: ‘आग्रह, आभार और क्षमा।’
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