
देश में कोरोना वायरस के जेएन.1 सब-वेरिएंट के 41 नए मामले सामने आए हैं और इसके साथ ही संक्रमण के इस स्वरूप के मामले बढ़कर 110 हो गए हैं। 8 दिसंबर को केरल में पहली बार पाए गए नए कोरोना सब-वेरिएंट JN.1 के मामले अब नौ राज्यों में फैल चुके हैं। बुधवार को दिल्ली में भी इस नए वेरिएंट का पहला मामला दर्ज किया गया। वहीं, गुजरात में 36, कर्नाटक में 34, गोवा में 14, महाराष्ट्र में नौ, केरल में छह, राजस्थान और तमिलनाडु में चार-चार और तेलंगाना में दो मामले सामने आए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर मरीज फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। वहीं, बुधवार को देश में कोविड-19 के 529 नए मामले सामने आए और अब 4,093 मरीजों का इलाज चल रहा है। महाराष्ट्र में बुधवार को कोविड के नए मामलों में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई जहां 87 संक्रमण दर्ज किए गए जबकि मंगलवार को 37 नए मामले आए थे।
जेएन.1 संक्रमितों में बीमारी के सामान्य लक्षण – भारतीय SARS-CoV2 जीनोमिक्स संघ (INSACOG) ने भी बताया है कि अब तक देश में JN.1 के कारण कुल 110 मामलों की पुष्टि हुई है। आईएनएसएसीओजी जीनोमिक प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है जो जीनोमिक के नजरिए से कोरोना पर नजर बनाए है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि हालांकि मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के मामले कम हैं क्योंकि ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के होते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘मौतें उन लोगों की हुई हैं जिन्हें पहले से ही अन्य बीमारियां थीं।’ JN.1 (BA.2.86.1.1) SARS-CoV-2 के BA.2.86 वंश (पिरोला) का एक सब वेरिएंट है जिसे पहली बार अगस्त में पहचाना गया था और रिपोर्टों से पता चलता है कि इसमें महत्वपूर्ण म्यूटेशन हैं जो संक्रमण फैलाने की क्षमता और इम्यूनिटी सिस्टम को चकमा देने की क्षमता बढ़ा सकते हैं।
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