
बुखारेस्ट। रोमानिया पिछले सप्ताह सरकार द्वारा जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश के खिलाफ अपने असंतोष को व्यक्त करने के लिए सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में करीब पांच लाख नागरिक रोमानिया की सड़क पर उतर आए। प्रस्ताव में कार्यालयों में अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले शोषण को अनिवार्य अपराध से बाहर करने की बात कही गई है।
देश के सत्तारूढ़ गठबंधन वामपंथी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रधानमंत्री सोरिन ग्रिनडेनू ने कहा कि बदलाव होने जरूरी थे क्योंकि कुछ कानूनों में एलानमेंट करना जरूरी था। हालांकि, बड़े पैमाने पर इस कदम को सोरिन के सहयोगी दलों को देश के भ्रष्टाचार विरोधी निंदा से बचने के प्रयास के रूप में देखा गया।
विरोध प्रदर्शन के बीते एक सप्ताह से चल रहा है और रोमानिया के लोग न्याय की तलाश में विक्ट्री स्क्वेयर पर जमा हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों में सबसे यादगार बात यह है कि पांच फरवरी की रात करीब ढाई लाख लोगों ने रातभर प्रतीकात्मक रूप में अपने स्मार्टफोन को जलाए रखा।
सॉफ्टपीडिया ने कहा कि रोमानिया दुनिया भर के सबसे सभ्य और “डिजीटल” देशों में शामिल है। डिजिटल साक्षरता ने हाल के प्रदर्शनों को एक गैर राजनीतिक रैली में बदल दिया। लोग कुछ राजनीतिक विचारधाराओं के समर्थन की बजाय दक्षिणपंथी कानूनों में अधिक विश्वास रखते हैं।
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