
रोहित शर्मा अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में अलग ही लय में थे। यह मुकाबला उनके करियर के सबसे यागदार मैच में शामिल हो गया। एक समय भारत का स्कोर 4 विकेट पर 22 रन था। इसके बाद रोहित शर्मा ने शतक लगाया और टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। लेकिन रोहित यह शतक नहीं लगा पाते अगर उन्हें रिंकू सिंह का साथ नहीं मिला। फिनिशर का रुतबा रखने वाले रिंकू ने दिखा दिया कि वो क्यों भारतीय क्रिकेट के अगले सुपरस्टार हैं। दबाव में आकर उन्होंने न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि अंत में हाथ खोलकर भारत को बचा लिया।
रिंकू ने रोहित पर नहीं आने दिया दबाव – जब रिंकू सिंह क्रीज पर उतरे तो रोहित शर्मा दबाव में थे। गेंद उनके बल्ले पर नहीं आ ही थी। सिंगल लेने के लिए भी उन्हें जूझना पड़ रहा था। लेकिन रिंकू ने कप्तान पर दबाव नहीं आने दिया। उन्होंने आते ही लगातार स्ट्राइक रोटेट किया और मौका मिलने पर बाउंड्री भी लगाई। इससे रन रेट भी ज्यादा खराब नहीं हुआ और रोहित शर्मा को सेट होने का मौका भी मिल गया। फिर उन्होंने भी अपने हाथ खोलने शुरू किए।
टी20 में क्रिकेटिंग शॉट से रन – रिंकू सिंह भले ही फिनिशर हैं लेकिन वह आधुनिक टी20 बल्लेबाजों को काफी अलग हैं। वह प्रॉपर क्रिकेटिंग शॉट से रन बनाते हैं। स्लॉग करने की जगह वह ‘V’ में खेलने पर भरोसा रखते हैं। वह गेंद आने से पहले ही नहीं सोचकर बैठते कि कौन सा शॉट खेलना है। गेंद आने के बाद उसे सही अंजाम तक पहुंचाते हैं। यही वजह है कि गेंदबाजों के लिए उन्हें फंसाना मुश्किल है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका औसत करीब 58 का है। इसलिए मुश्किल विकेट पर भी रिंकू सूझबूझ से बैटिंग कर सकते हैं।
तीन छक्कों से पैदा हुआ अंदर – रिंकू सिंह ने भारतीय पारी की आखिरी तीन गेंदों पर तीन छक्के मारे। अंत में इससे ही अंतर पैदा हुआ और टीम 212 रनों तक पहुंच पाई। 39 गेंदों की अपनी पारी में रिंकू ने 6 छक्के और 2 चौके मारे। यह टी20 इंटरनेशनल मैच में छठे या उससे नीचे क्रम पर बैटिंग करते हुए किसी भी भारतीय बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है।
Home / Sports / रोहित शर्मा के जलजले में रिंकू सिंह को नहीं भूल सकते, भारतीय क्रिकेट को अगला ‘युवराज’ मिल गया
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