
नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद साइप्रस और भारत AI और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। सहयोग को आकार देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस यात्रा के तीन महीने बाद दोनों देश कई समझौतों पर बढ़ने जा रहे हैं। साइप्रस के सीएसआरआई के वैज्ञानिक डेमेट्रिस स्कोराइड्स ने कहा कि कई क्षेत्रों में हुए समझौते (एमओयू) अब वास्तविक आकार लेंगे। स्कोराइड्स भारत-साइप्रस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मुंबई में हैं। उन्होंने बताया कि जून में मोदी के साइप्रस दौरे के समय राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स के साथ उनकी बैठक में रिसर्च, व्यापार, AI और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई थी। दोनों देश रक्षा डील भी कर सकते हैं।
भारत और साइप्रस के बीच विज्ञान और रक्षा के क्षेत्रों में समझौतों का तुर्की के लिहाज से भी एक पहलू है। तुर्की और साइप्रस के बीच लंबे समय से तनातनी रही है। तुर्की की पाकिस्तान से भी अच्छी दोस्ती है। वहीं पाकिस्तान से भारत के रिश्ते खराब हैं। ऐसे में भारत की साइप्रस से करीबी को तुर्की को जवाब देने और क्षेत्रीय संतुलन की तरह देखा जा रहा है।
Home / News / तुर्की का सबसे बड़ा दुश्मन भारत के साथ करेगा डिफेंस डील… PM मोदी के दौरे पर रखी गई नींव, खलीफा एर्दोगन को लगेगा झटका
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