
पीएम मोदी ने शनिवार को जी20 सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान खतरनाक ड्रग्स और आतंक की कड़ी रोकने के लिए दुनिया के देशों को मिलकर कार्रवाई करने का सुझाव दिया।
दक्षिण अफ्रीका में हुए G20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाते हुए चार अहम वैश्विक प्रस्ताव रखे। उन्होंने खतरनाक ड्रग्स और आतंक की कड़ी रोकने के लिए दुनिया के देशों को मिलकर कार्रवाई करने का सुझाव दिया। दुनिया का पुराना और पारंपरिक ज्ञान सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए वैश्विक संग्रह बनाने का प्रस्ताव रखा। अगले 10 साल में 10 लाख ट्रेंड ट्रेनर्स तैयार कर अफ्रीकी युवाओं को ज्यादा कौशल और रोजगार अवसर देने की बात कही। भविष्य में किसी बड़ी महामारी या आपदा से तुरंत मिलकर निपटने के लिए मेडिकल एक्सपर्ट्स की संयुक्त टीम बनाने की योजना बताई। पीएम मोदी ने सम्मेलन के इतर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गतारेस से मलाकात की।
वैश्विक पारंपरिक ज्ञान का भंडार – सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का प्रस्ताव है कि जी20 के तहत एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार बनाया जाए। भारत का जो ज्ञान है, वो इसका आधार बन सकता है। यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म मानवता के सामूहिक ज्ञान को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अफ्रीका के विकास और अफ्रीका के यंग टैलेंट को सक्षम बनाना पूरी दुनिया के हित में है, इसलिए भारत जी20-अफ्रीका कौशल गुणक पहल का प्रस्ताव रखता है। ये अलग-अलग सेक्टर्स के लिए ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ मॉडल के तहत चल सकता है, और जी20 के सभी पार्टनर इसको फाइनेंस कर सकते हैं और सपोर्ट कर सकते हैं।
अफ्रीका में 10 लाख सर्टिफाइट ट्रेनर – उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि अगले एक दशक में, अफ्रीका में वन मिलियन सर्टिफाइड ट्रेनर तैयार हों। ये ट्रेनर, आगे चलकर करोड़ों स्किल्ड युवा तैयार करेंगे। यह एक ऐसी पहल होगी जिसका मल्टीप्लायर इफेक्ट होगा। इससे लोकल कैपेसिटी का निर्माण होगा, और अफ्रीका की दीर्घकालिक विकास को बल मिलेगा।
ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम – पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य आपात स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं के संकट से निपटना भी हमारा सामूहिक दायित्व है। इसलिए, भारत का प्रस्ताव है कि जी20 वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया टीम का गठन हो। इसमें G20 देशों के प्रशिक्षित मेडिकल विशेषज्ञ हों। ये टीम, किसी भी वैश्विक स्वास्थ्य संकट या प्राकृतिक आपदा के समय तेजी से तैनाती के लिए तैयार रहे।
ड्रग-टेरर नेटवर्क के खिलाफ मुहिम – उन्होंने कहा कि एक और बड़ा विषय नशीले पदार्थों की तस्करी का है। विशेषकर फेंटेनिल जैसे अत्यंत घातक ड्रग्स तेजी से फैल रहे हैं। ये पब्लिक हेल्थ, सोशल स्टेबिलिटी और ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। ये टेररिज्म को फाइनेंस करने का भी एक बड़ा माध्यम है। इस वैश्विक खतरे का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए भारत ड्रग-टेरर गठजोड़ का मुकाबला करने पर जी20 पहल का प्रस्ताव रखता है। इसके तहत हम फाइनेंस, गवर्नेंस और सिक्योरिटी से जुड़े अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स को एक साथ ला सकते हैं। तभी ड्रग-टेरर इकोनॉमी को कमजोर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत-अफ्रीका एकजुटता हमेशा से मजबूत रही है। नई दिल्ली समिट के दौरान अफ्रीकन यूनियन का इस ग्रुप का स्थाई सदस्य बनना एक बहुत बड़ा पहल था। अब ये आवश्यक है कि इस स्पिरिट का विस्तार जी20 से भी आगे हो। सभी वैश्विक संस्थाओं में ग्लोबल साउथ की आवाज और बुलंद हो, इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करना चाहिए।
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