
यमन में सऊदी नीत गठबंधन ने शनिवार को चेतावनी दी कि वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समर्थित अलगाववादियों की किसी भी ऐसी सैन्य गतिविधि का तत्काल जवाब देगा, जो देश के दक्षिणी क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों को बाधित करती हो। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा, “इन प्रयासों का उल्लंघन करने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि से सीधे और तत्काल निपटा जाएगा, ताकि नागरिक जीवन की रक्षा की जा सके और शांति की बहाली सुनिश्चित हो सके।” अल-मलिकी ने ‘साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल” (STC) के अलगाववादियों पर नागरिकों के खिलाफ “गंभीर और भयानक मानवाधिकार उल्लंघन” करने का भी आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने इसके कोई सबूत पेश नहीं किए।
यह चेतावनी अलगाववादियों के उस आरोप के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब पर उनके सुरक्षा बलों को हवाई हमलों के जरिये निशाना बनाने का आरोप लगाया था। हालांकि, सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। एसटीसी की गतिविधियों के कारण सऊदी अरब और यूएई के संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। पिछले एक दशक से अधिक समय से गृहयुद्ध की चपेट में घिरे यमन के उत्तरी हिस्सों पर ईरान समर्थित हूतियों का कब्जा है, जबकि सऊदी-यूएई समर्थित गठबंधन दक्षिण की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है। हालांकि, UAE उन दक्षिणी अलगाववादियों का भी समर्थन करता है, जो दक्षिण यमन को एक बार फिर अलग देश बनाने की मांग कर रहे हैं। इसी महीने की शुरुआत में परिषद (STC) ने हदरमौत और महरा प्रांत में प्रवेश कर एक तेल समृद्ध क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था।
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