Friday , January 30 2026 1:58 AM
Home / Lifestyle / टाइम्स फ्यूचर ऑफ मैटरनिटी समिट: कपल्स के लिए खास मौका, प्रेग्नेंसी स्कैन से जुड़े सवाल सीधे एक्सपर्ट से पूछ सकेंगे

टाइम्स फ्यूचर ऑफ मैटरनिटी समिट: कपल्स के लिए खास मौका, प्रेग्नेंसी स्कैन से जुड़े सवाल सीधे एक्सपर्ट से पूछ सकेंगे

प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर अलग-अलग चरणों में विभिन्न अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इन जांचों से गर्भ में पल रहे बच्चे की ग्रोथ, स्थिति, पोषण और ओवरऑल डेवलपमेंट से जुड़ी अहम जानकारी मिलती है। साथ ही, यह पता चलता है कि बच्चे में कोई जेनेटिक समस्या तो नहीं है। इसी वजह से ये स्कैन बेहद जरूरी माने जाते हैं।
टाइम्स फ्यूचर ऑफ मैटरनिटी समिट 28 मार्च को होगा आयोज‍ित – हालांकि, इन टेस्ट्स को लेकर अक्सर कपल्स के मन में कई सवाल होते हैं, जैसे- कौन-सा टेस्ट किस जानकारी के लिए होता है, और किस स्कैन को कब करवाना ज्‍यादा सही रहता है। इन्हीं सवालों और कंफ्यूजन को दूर करने के लिए कपल्‍स टाइम्स इंटरनेट और प्रेगाटिप्स की ओर से टाइम्स फ्यूचर ऑफ मैटरनिटी (TFM 2026) समिट और एक्सपो के साथ जुड़ सकते हैं। 28 मार्च 2026 को दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम कपल्स सीधे गाइनेकोलॉज‍िस्‍ट और फर्टि‍ल‍िटी एक्सपर्ट्स से स्कैन और प्रेग्नेंसी से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं।
समिट में शामिल होने से पहले अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान किए जाने वाले विभिन्न स्कैन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई जानकारी के जरिये आप इसे आसानी से समझ सकते हैं। साथ ही, इसे समझकर एक्‍सपर्ट से अपने सवाल पूछने में भी मदद म‍िल सकेगी।
प्रेग्‍नेंसी में कराए जाते हैं ये 5 प्रमुख स्‍कैन – प्रेग्नेंसी के दौरान मुख्य तौर पर डेटिंग स्कैन, एनटी स्कैन, एनोमली स्कैन, ग्रोथ स्कैन और कलर डॉप्लर जांच कराई जाती है। इन स्‍कैन से बेबी के अलग-अलग चरण में होने वाले डेवलपमेंट के बारे में मालूम होता है।
1- डेट‍िंग स्‍कैन – प्रेग्नेंसी में सबसे पहला स्कैन डेटिंग स्कैन किया जाता है। यह जांच गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में, यानी 6वें से 10वें सप्ताह के बीच होती है। इस स्कैन के जरिए गर्भावस्था की सटीक उम्र, ड‍िलीवरी की संभावित तारीख और सबसे अहम, बच्चे की धड़कन के बारे में जानकारी मिलती है। इसके अलावा, इससे यह भी पता चलता है कि गर्भ में एक बच्चा है या जुड़वां।
सवाल- अगर आप डेटिंग स्कैन से जुड़े सवाल पूछना चाहते हैं, तो आपको एक्सपर्ट से सबसे पहले कपल्‍स को यह जानना जरूरी है कि गर्भ में एक बच्चा है या जुड़वां। इसके साथ ही, बच्चे की धड़कन आ गई है या नहीं, इसकी पुष्टि करना भी अहम होता है। अगर बच्‍चे की हार्टबीट नहीं आई है, तो क्‍या व‍िकल्‍प हैं।
2- एनटी-एनबी स्‍कैन – एनटी-एनबी स्कैन को न्यूकल ट्रांसलूसेंसी (Nuchal Translucency-NT) और नेजल बोन (Nasal Bone-NB) स्कैन कहा जाता है। इसे लेवल 1 सोनोग्राफी होती है। यह आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 11 से 14 सप्ताह के बीच की जाती है। इस स्कैन के जरिए शिशु में आनुवांशिक और अन्य गुणसूत्रीय असामान्यताओं, जैसे डाउन सिंड्रोम, एडवर्ड के जोखिम का आकलन म‍िलता है।
प्रश्‍न-जैसा कि ऊपर बताया गया है, इस स्कैन से डाउन सिंड्रोम जैसी स्थितियों के जोखिम के बारे में जानकारी मिलती है। ऐसे में कपल्स सबसे पहले एक्सपर्ट से यह पूछ सकते हैं कि अगर बच्चे में इस तरह की कोई कंडीशन सामने आती है, तो आगे उन्हें क्या कदम उठाने चाहिए और किन जांचों या विकल्पों पर विचार करना जरूरी होता है।
3- एनोमली स्कैन – आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 18 से 22 सप्ताह के बीच किया जाता है, ज‍िसे लेवल 2 स्‍कैन भी कहते हैं। यह एक बेहद अहम अल्ट्रासाउंड जांच होती है, जिसमें गर्भ में पल रहे बच्चे के दिमाग, दिल, रीढ़ की हड्डी, किडनी, हाथ-पैर और अन्य अंगों की संरचना को विस्तार से देखा जाता है। इस स्कैन से यह पता लगाया जाता है कि बच्चे के किसी अंग के विकास में कोई कमी या जन्मजात समस्या तो नहीं है। साथ ही बच्‍चे को ब्‍लड सप्‍लाई सही म‍िल रहा है या नहीं, यह भी देखा जाता है।
सवाल: अगर एनोमली स्कैन नहीं कराया जाए, तो इसके क्या नुकसान हो सकते हैं? क्या इस स्कैन से बच्चे के अंदर बनने वाले सभी अंगों के सही विकास की जानकारी मिल जाती है?
4- ग्रोथ स्‍कैन – ग्रोथ स्कैन गर्भावस्था का एक बेहद जरूरी अल्ट्रासाउंड होता है। यह 28 से 32 सप्‍ताह के बीच होता है। इस जांच के जरिए बच्चे से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलती हैं, जैसे कि बच्चे की ग्रोथ और वजन सही है या नहीं, एम्नियोटिक फ्लूड की मात्रा कितनी है और गर्भ में बच्चे की पोजिशन क्या है। इन सभी बातों की जांच से यह सुनिश्चित किया जाता है कि बच्चा गर्भ में सही तरीके से विकसित हो रहा है।
5- कलर डॉपलर – कभी-कभी डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान डॉपलर सोनोग्राफी कराने की सलाह देते हैं। खासतौर पर तब, जब गर्भावस्था हाई-रिस्क मानी जाती है। इस स्कैन के जरिये गर्भ में पल रहे शिशु तक होने वाले ब्लड फ्लो की जांच की जाती है, ताकि उसकी सेहत और विकास का सही आकलन किया जा सके।
सवाल: अगर गर्भ में एम्नियोटिक फ्लूड कम हो रहा है, तो इसके क्या उपाय हो सकते हैं? क्या डाइट में बदलाव करके बच्चे के आसपास पानी की मात्रा को बेहतर किया जा सकता है?
TFM 2026: टाइम्स फ्यूचर ऑफ मैटरनिटी समिट और एक्सपो में शाम‍िल होने का ये है आसान तरीका – टाइम्स फ्यूचर ऑफ मैटरनिटी समिट और एक्सपो (TFM 2026) में हिस्सा लेने के लिए लोगों को इस लिंक पर क्लिक करना होगा। वहीं, पार्टनरशिप से जुड़े उद्देश्य के लिए इच्छुक लोग इस डायरेक्ट लिंक के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।