
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद बीते हफ्ते बड़े आत्मघाती धमाके से दहल गई। इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमले में 36 लोगों की जान गई है। इस घटना ने पाकिस्तान की सरकार और आर्मी की कमजोरी को उजागर किया कि वह राजधानी में सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पा रही है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी संदेश छुपा है कि उनका पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर के साथ सुरक्षा, मिनरल और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर लगाया जा रहे दांव की जमीन मजबूत नहीं है। ये दिखाता है कि ‘फेवरेट फील्ड मार्शल’ असीम मुनीप पर लगाई बाजी में ट्रंप की हार की संभावना बहुत ज्यादा है।
पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर ने बीते साल वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इस दौरान इनकी ओर से ट्रंप को डील ऑफर की गई। मुनीर एक बक्से में मिनरल्स लेकर पहुंचे थे और अमेरिका को अपने देश के खनिज भंडार के खनन का ऑफर दिया। ट्रंप को यह ऑफर पसंद आया है लेकिन पाकिस्तान की जमीनी हकीकत एकदम अलग है। पाकिस्तान से खनिज निकालने की ट्रंप और मुनीर की राह कठिन है।
बलूचिस्तान में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति – पाकिस्तान के पास खनिज का भंडार है बलूचिस्तान प्रांत में है। इस प्रांत में कई गुट पाकिस्तानी आर्मी और सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़े हुए हैं। ट्रंप ने अपनी विदेश नीति में रिसोर्स को प्राथमिकता दी है लेकिन पाकिस्तान की सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति वॉशिंगटन के लिए चीजों को बेहद मुश्किल बना दे रही है।
Home / News / बलूचिस्तान के अरबों के मिनरल्स और पाकिस्तानी आर्मी को धूल चटाते विद्रोही, फेल होगा ट्रंप का मुनीर पर दांव?
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