
कनाडा की दिग्गज माइन डेवलेपर कंपनी बैरिक माइनिंग ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी तांबा-सोना खदान डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को एक साल के लिए टाल दिया है। कंपनी ने इसके पीछे दक्षिण-पश्चिम में ईरान की सीमा से सटे परियोजना स्थल के आसपास बढ़ते सुरक्षा जोखिम को कारण बताया है। उसने यह भी कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के कारण उनके कर्मियों के लिए सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में परियोजना को वर्तमान समय में जारी नहीं रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों ने पाकिस्तान को दी चेतावनी – विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस देरी से निवेशकों का पाकिस्तान पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है, और इसके आर्थिक व कूटनीतिक परिणाम भी हो सकते हैं। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में खदानों से होने वाली आय के बंद होने से उसका यह संकट और ज्यादा गहरा सकता है। इस बीच तेल-गैस की किल्लत ने पाकिस्तान की कमर तोड़कर रख दी है। इस कारण पाकिस्तान ने कई प्रतिबंधों का ऐलान किया है, ताकि ऊर्जा संकट को कम किया जा सके।
पाकिस्तानी खदानों की लागत बढ़ी – निक्केई एशिया की रिपोर्ट के मुताबित, इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पहले ही बंद हो चुका है। इसके चलते ब्रेंट क्रूज की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। इससे खदान में इस्तेमाल होने वाले डीजल की लागत भी बढ़ गई है, जो पूरी तरह से जनरेटर पर चलती है। पाकिस्तान का यह खदान पहले से ही ऐसे इलाके में है, जहां बिजली की भारी किल्लत है।
संकट में फंसा पाकिस्तान – इस क्षेत्र में हिंसा पर नजर रखने वाले स्वतंत्र विश्लेषक किया बलूच ने कहा, “फरवरी से ही बैरिक कंपनी ‘रेको डिक’ तांबा-सोना परियोजना की लगातार समीक्षा कर रही है। इसकी मुख्य वजहें हैं: प्रांत में बढ़ती सुरक्षा चिंताएं, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंध, और पूरे देश में व्याप्त व्यापक सुरक्षा अस्थिरता है।”
Home / News / कंगाल पाकिस्तान को बड़ा झटका! सोना निकालने वाले कनाडाई कंपनी ने बोरिया-बिस्तर समेटा, कारण जानें
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website