
वाशिंगटन। भारत व अमेरिका ने ‘व्हाइट शिपिंग’ के जरिये समुद्री सीमा की निगरानी का डाटा साझा करने का फैसला भी किया है। इससे दोनों की नौ सेनाएं खतरों से निपटने में सक्षम हो जाएंगी।
अमेरिका ने भारत को अपने नौ सेना अभ्यास में कार्यक्रम मालाबार में शामिल करने का फैसला किया है। इसमें जापान भी साथ में शरीक होगा। भारतीय समुद्र क्षेत्र में यह सैन्य अभ्यास होगा।
टं्रप प्रशासन का कहना है कि ड्रोन समझौता पूरा होने से अमेरिका का द्विपक्षीय व्यापार 19 अरब डालर तक पहुंच जाएगा। इससे हजारों रोजगार के अवसर भी सृजित होने जा रहे हैं।
अगर भारत चाहेगा तो अमेरिका उसे एफ 16 व एफ ए-18 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगा। अमेरिका भारत को अपाचे हेलीकॉफ्टर, सी-17 विमान भी देने जा रहा है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में अमेरिका पूरी मदद करेगा। अभी दोनों देश वज्र प्रहार, रेड फ्लैग व युद्ध अभय जैसे कार्यक्रमों के जरिये युद्ध अभ्यास कर रहे हैं।
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