
इस्लामाबाद। पनामा पेपर लीक मामले में संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर इस्तीफे का दबाव बढ़ने लगा है। विपक्षी दलों के बाद अब पाकिस्तानी मीडिया ने लोकतंत्र का हवाला देते हुए शरीफ से पद छोड़ने को कहा है।
पनामा पेपर लीक में नवाज शरीफ और उनके परिवार का नाम सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संयुक्त जांच दल (जेआईटी) गठित किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में शरीफ पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई संगीन आरोप लगाए हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) जेआईटी की रिपोर्ट अस्वीकार कर चुकी है।
द डॉन समाचारपत्र ने संपादकीय के जरिये नवाज शरीफ को अस्थायी तौर पर ही सही लेकिन प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ने को कहा है। अखबार ने लिखा, ‘जेआईटी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट पूरी तरह सही दस्तावेज नहीं है, लेकिन इसमें प्रधानमंत्री और उनके बच्चों पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में नवाज को लोकतंत्र में उचित कदम उठाते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
सामान्य तौर पर कोई भी लोकतांत्रिक व्यवस्था संदेह के काले बादलों में घिरे प्रधानमंत्री के साथ सही तरीके से काम नहीं कर सकता है। सत्तारूढ़ पीएमएल (एन) उनसे पद पर बने रहने की बात कह सकती है और शरीफ ऐसा कर भी सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों को इससे भी बड़ा होना चाहिए। प्रधानमंत्री के पास स्पष्ट विकल्प है- वह पद छोड़ें और अपने एवं बच्चों के ऊपर लगे आरोपों को कोर्ट में चुनौती दें। बेदाग होने की स्थिति में वह दोबारा प्रधानमंत्री बन सकते हैं।’
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website