
वाशिंगटन: वर्ष 1966 में फ्रांस की ऐल्प्स पहाडिय़ों में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का मलबा और कुछ मानवीय अवशेषों के मिलने के बाद एक बार फिर से यह हादसा चर्चा में है। इस इलाके में 2 विमान हादसे हुए थे। इनमें से पहला हादसा 1950 और दूसरा 1966 को हुआ था। जो विमान यहां पर 24 जनवरी 1966 को दुर्घटनाग्रस्त हुआ था उसमें भारत के महान वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा सवार थे।
इस विमान हादसे के पीछे दो तरह की बातें कही जा रही हैं। एक थ्यौरी के मुताबिक विमान पायलट की गलती से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, लेकिन दूसरी थ्यौरी के मुताबिक यह विमान एक षड्यंत्र के तहत बम से उड़ाया गया था। अक्तूबर 1965 में भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो से घोषणा की थी कि अगर उन्हें छूट मिले तो भारत 18 महीनों में परमाणु बम बनाकर दिखा सकता है। उनकी दूरदर्शी सोच का ही नतीजा था कि भारत इस क्षेत्र में लगातार तरक्की कर रहा था जिससे अमरीका काफी डर गया था। अमरीका की सोच थी कि यदि भारत इस मुहिम में कामयाब रहा तो यह उसके लिए और पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरनाक होगा। इसके लिए उसने सी.आई.ए. की मदद से उस विमान में विस्फोट कराया था।
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