
मास्को: रूस ने देश में अमेरिकी कूटनीतिक कर्मचारियों की संख्या में कटौती के अपने फैसले का बचाव किया। एेसा लगता है कि क्रेमलिन ने यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में फिलहाल दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीदें छोडऩे के बाद किया है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को घोषणा की थी कि अमेरिका को मास्को की आेर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के चलते रूस में अपने दूतावास और महावाणिज्य दूतावास में 755 कर्मी कम करने होंगे। यह कदम मॉस्को द्वारा अमेरिकी कर्मियों की संख्या में एकबार में कटौती का सबसे बड़ा मामला है। पुतिन ने चेतावनी दी कि वह आगे और जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने फिलहाल इस योजना को रोक दिया है। पुतिन ने कहा हमने इस उम्मीद में काफी इंतजार किया कि बेहतरी के लिए हालात शायद बदलेगा। उन्होंने कहा लेकिन एेसा लगता है कि अगर स्थिति बदलती है तो भी यह निकट भविष्य में नहीं होने वाला है।
पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने आज इस बात पर जोर दिया कि रूस-अमेरिका संबंधों में सुधार की कोई भी उम्मीद वाशिंगटन में बिगड़ते राजनीतिक पागलपन के इलाज में है, लेकिन इस बात को स्वीकार किया कि दोनों पक्ष किसी भी सुधार से काफी दूर लगते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि रूस आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने को उत्सुक है। उन्होंने कहा कि रूस युद्ध प्रभावित देश के दक्षिण में संघर्ष विराम पर सहमत होने के बाद सीरिया पर साथ काम करने को तैयार है। इसके जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसे दुखद और बेवजह की कार्रवाई बताया। उसने कहा कि वह एेसी स्थिति के प्रभाव और इसका कैसे जवाब दिया जाए, इसका आकलन कर रहा है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने एस्टोनिया की यात्रा के दौरान सोमवार को कहा हमें बेहतर दिनों और रूस के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद है। रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक््रवार को आदेश दिया कि रूस में अमेरिकी राजनयिक कर्मियों की संख्या में एक सितंबर तक कमी लाई जानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि वह अमेरिकी दूतावास को आदेश दे रहा है कि वह अमेरिकी कांग्रेस की आेर से प्रतिबंधों के नए पैकेज को दी गई मंजूरी की प्रतिक््िरया के तौर पर अब रूस में अपने दूतावास और महावाणिज्यदूतावास के कर्मियों की संख्या को 455 पर सीमित करे।
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