
वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अमेरिका सही शर्तों के तहत ही जलवायु परिवर्तन पर हुए पेरिस समझौते में बना रह सकता है। टिलरसन ने रविवार को सीबीएस को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका उन शर्तों को स्वीकार कर सकता है, जिसमें हम अन्य देशों के साथ जुड़े रह सकें। हम सभी समझते हैं कि यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण मुद्दा है।’समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, टिलरसन का यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उन बयानों से मेल खाता है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका केवल देश के लिए अधिक अनुकूल शर्तों के साथ ही दोबारा इस समझौते से जुड़ सकता है।
वहीं टिलरसन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन हवाना में दोबारा खोले गए हालिया दूतावास को अज्ञात बीमारी की वजह से बंद करने पर विचार कर रहा है। दूतावास से जुड़े 21 अमेरिकी कर्मचारियों को इस बीमारी की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर समस्या है, क्योंकि इससे किसी को हानि हो सकती है। हमने उनमें से कुछ लोगों को घर बुला लिया है और इसकी समीक्षा की जा रही है।
अमेरिकी विदेश सचिव संगठन की रिपोर्ट के अनुसार जो लोग इस रहस्यमय बीमारी की चपेट में आए हैं उनमें हल्के मिल्ड ट्रॉमिक ब्रेन इंजरी के लक्षण पाए जा रहे हैं जिससे सुनने में स्थायी क्षति, संतुलन बिगडऩा और दिमाग में कुछ समस्या शामिल है। कई अमेरिकी अधिकारियों को मानना है कि कुछ उपकरणों का प्रयोग कर उनके कर्मचारियों के स्वास्थ्य को कमजोर किया जा रहा है वहीं क्यूबा के अधिकारियों ने इसके पीछे अपना हाथ होने से इंकार किया है। क्यूबा के राष्ट्रपति रॉउल कास्त्रो ने क्यूबा में अमेरिकी दूतावास के प्रमुख को निजी तौर पर आश्वस्त किया था कि इसके पीछे क्यूबा का हाथ नहीं है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website