
वाशिंगटन: वेटिकन ने वाशिंगटन में दूत के तौर पर सेवा दे रहे पादरी को बाल पोर्न सामग्री के साथ पकड़े जाने पर वापस बुला लिया है। अमरीकी अधिकारियों द्वारा पादरी के राजनयिक अधिकार वापस लिए जाने की मांग किए जाने के बाद उसके खिलाफ लगे आरोपों की जांच आरंभ कर दी गई है।
वेटिकन ने बताया कि अमरीकी अधिकारियों ने होली सी के राजनयिक दूत की बाल पोर्नग्राफी चित्रों के संबंध में कानून का उल्लंघन करने की शिकायत की थी। वाशिंगटन में एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दूत के अमरीका छोडऩे की अनुमति दे दी गई है क्योंकि उन्हें उस पर आपराधिक मुकद्दमा चलाने की अनुमति नहीं है। हालांकि एक इतालवी समाचार आऊटलैट ने पादरी की पहचान कार्लो अल्बर्टो के रूप में की है तथा बताया कि उसे 1993 में इटली के मिलान में ठहराया गया था। वेटिकन प्रैस सेवा ने कहा कि इस मामले में रोम ने अमरीकी अधिकारियों से सहयोग व सबूत मांगा है। वहीं वेटिकन ने बताया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है तथा इस मामले में गोपनीयता बरती जा रही है।
सामने आए यौन शोषण के मामले में आरोपी के खिलाफ जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर पादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -पोप फ्रांसिस
यह एक गंभीर मसला है। हम आशा करते हैं कि जल्द ही इसकी असलियत सामने आ जाएगी। -कार्डिनल डैनियल एन. डिनार्डो, अध्यक्ष यू.एस. कैथोलिक बिशप्स सम्मेलन
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