
ढाका: न्यूयॉर्क में बम हमला करने वाले बांग्लादेशी मूल के व्यक्ति ने एक इस्लामी धर्मगुरु द्वारा लिखी गईं चरमपंथी विचारधारा वाली किताबें पढ़ीं थीं और वह अपनी पत्नी को भी धर्म के बारे में जानने के लिए ‘‘प्रोत्साहित’’ करता था। उसने जिस इस्लामी धर्मगुरु की किताबें पढ़ीं, वह बांग्लादेश में एक नास्तिक ब्लॉगर की हत्या के लिए हत्यारों को उकसाने का दोषी है। यह बात बुधवार को यहां पुलिस ने कही।
संदिग्ध बम हमलावर 27 वर्षीय अकायेद उल्ला ने अपने शरीर में एक पाइप बम बांध रखा था। सोमवार को बंदरगाह प्राधिकरण के पास दो सब-वे प्लैटफार्म के बीच बम समय से पहले ही फट गया और इसमें हमलावर सहित तीन लोग घायल हो गए। बांग्लादेशी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि उन्हें उल्ला के स्थानीय आतंकियों से संपर्क के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस की आतंकवाद रोधी इकाई के प्रमुख मोनिरुल इस्लाम ने यहां कहा, ‘‘हमें अकायेद उल्ला तथा स्थानीय आतंकी समूहों या किसी राजनीतिक दल के बीच संपर्कों के कोई सबूत नहीं मिले हैं।’’
उल्ला की पत्नी ने जांच अधिकारियों को बताया कि उल्ला उसे एक इस्लामी संगठन के प्रमुख जशीमुद्दीन रहमानी की किताबें पढऩे को ‘‘प्रोत्साहित’’ करता था। इस्लाम ने कहा, ‘‘उसने (उल्ला की पत्नी) कहा कि वह उससे धर्म या इस्लाम के बारे में जानने के लिए जशीमुद्दीन रहमानी की किताबें पढऩे को कहता था। हम उसकी पत्नी तथा अन्य रिश्तेदारों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना की समीक्षा कर रहे हैं।’’
प्रतिबंधित अंसारुल्ला बांग्ला टीम (एबीटी) के नेता रहमानी को बांग्लादेश की एक अदालत ने 2015 में ढाका में एक नास्तिक ब्लॉगर अहमद रजीब हैदर की हत्या के लिए हत्यारों को उकसाने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा सुनाई थी। उसकी किताबें कुछ साल पहले तक इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध थीं। इस्लाम ने कहा हालांकि कोई आधिकारिक आग्रह नहीं किया गया है, लेकिन बांग्लादेश ने खुद ही उल्ला से संबंधित सूचना अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को मुहैया कराई है क्योंकि ‘‘हमने आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं की नीति के चलते इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।’’
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