
स्वस्थ बच्चा पैदा करने के लिए महिला की हैल्थ अच्छी होनी भी बहुत जरूरी है। हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पीसीओएस यानि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से ग्रस्त महिलाओं से पैदा होने वाले बच्चे ऑटिज्म का शिकार हो सकते हैं। उन बच्चों में बाकी के मुकाबले ऑटिज्म विकसित होने की आशंका ज्यादा रहती है।
‘ट्रांसलेशनल साइक्रियाट्री’ में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, औरतों में होने वाली पीसीओएस प्रॉब्लम उच्च टेस्टोस्टेरोन की वजह से होने वाला विकार है। जिससे पीरियड्स संबंधी परेशानी, हॉर्मोंस की गड़बड़ी,समय से पहले युवावस्था आना, शरीर पर ज्यादा बाल उगने लगना आदि जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं। इस शोध में पीसीओएस से पीडित 8,588 महिलाओं की जांच की गई।
निष्कर्ष में यह बात सामने आई कि अगर गर्भवती में जरूरत से ज्यादा टेस्टोस्टेरोन हो तो कुछ हार्मोंस गर्भावस्था के समय प्लेसेंटा को पास कर जाते हैं। इसका सीधा असर भ्रूण पर पड़ता है। जिससे बच्चे के मस्तिष्क का विकास बदल जाता है और ऑटिज्म का खतरा बढ़ने लगता है। ऑटिज्म न सिर्फ जीन्स के कारण होता है बल्कि टेस्टोस्टेरोन जैसे सेक्स हार्मोंस भी इसका कारण बन सकते हैं। पीसीओएस जैसी परेशानी का से जूझ रही हैं और प्रेग्नेंसी की प्लानिंग है तो पहले इसका इलाज करवाना बहुत जरूरी है।
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