
अमेरिका में लॉस एंजिलिस के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के पायलट ने हवाई यातायात नियंत्रकों को अपने अंतिम रेडियो संदेश में बताया कि वह बादलों की एक मोटी परत से बचने के लिए विमान को और ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद विमान नीचे गिरने लगा और एक पहाड़ी से टकरा कर क्रैश हो गया।
राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) की जेनिफर होमेंडी ने सोमवार की दोपहर में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि रेडार से पता चला है कि रविवार सुबह हेलीकॉप्टर गिरने से पहले 2,300 फीट तक की ऊंचाई पर चला गया था और उसका मलबा 1,085 फुट पर मिला है। एनटीएसबी जांचकर्ता सबूत जुटाने के लिए सोमवार को कैलाबासास में दुर्घटना स्थल पर पहुंचे।
होमेन्डी ने कहा, “मलबा दूर-दूर तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा, “हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से का एक टुकड़ा पहाड़ी के नीचे पड़ा हुआ है। बीच का हिस्सा पहाड़ी के दूसरी तरफ है। और मुख्य रोटर उससे भी 91 मीटर की दूरी पर है।” कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे के चलते पायलट रास्ता भटक गया होगा लेकिन होमेन्डी का कहना है कि जांच टीमें पायलट के इतिहास से लेकर इंजन तक हर चीच की जांच करेंगी। उन्होंने कहा, “हम व्यक्ति, मशीन और वातावरण सब देख रहे हैं। और मौसम उसका बस छोटा सा हिस्सा है।” पायलट ने दुर्घटना से चंद मिनट पहले घने कोहरे में उड़ान भरने के लिए विशेष मंजूरी मांगी थी जो उसे दी गई थी।
होमेन्डी ने बताया कि बाद में पायलट ने हवाई यातायात नियंत्रकों से “विमान का पीछा” करने वाली रडार सहायता मांगी लेकिन उन्हें बताया गया कि उस सहायता के लिए हवाई जहाज बहुत छोटा है। उन्होंने बताया कि चार मिनट बाद, “पायलट ने कहा कि बादल की मोटी परत से बचने के लिए वे विमान को और ऊंचाई पर ले जा रहे हैं।” होमेन्डी ने कहा, “जब एटीसी ने पायलट से उनकी योजना के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं मिला।
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