
श्रीलंका के खिलाड़ियों ने लॉकडाउन (Lockdown) के बाद आज से अपनी प्रैक्टिस फिर से शुरू कर दी। प्रैक्टिस के बाद खिलाड़ियों ने अपने कोच मिकी ऑर्थर को बताया कि गेंद की शाइन चमकाने के लिए पसीना लार जितना कारगर नहीं है।
श्रीलंका के गेंदबाजों ने लॉकडाउन (Lockdown) के बाद अभ्यास सत्र के दौरान अपने मुख्य कोच मिकी आर्थर (Mickey Arthur) से कहा कि गेंद को चमकाने के लिए पसीना लार की तरह प्रभावशाली नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की क्रिकेट समिति ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को रोकने के लिए अंतरिम उपाय के तौर पर लार के उपयोग (Ban on Saliva) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।
ऑर्थर भी इस समिति के सदस्य हैं। अब से गेंदबाज गेंद पर केवल पसीने का उपयोग कर सकते हैं। श्रीलंकाई क्रिकेटरों ने इस सप्ताह ही अभ्यास शुरू किया और वे 12 दिवसीय शिविर के दौरान बेहद सुरक्षित वातावरण में रहेंगे। ऑर्थर ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘गेंदबाजों के साथ बहुत दिलचस्प बात हुई, जिन्होंने कहा कि लार लगाने की तुलना में पसीने से गेंद थोड़ा भारी बन जाती है। गेंद को चमकाने के लिए वे लार को प्राथमिकता देते थे। लेकिन वर्तमान की परिस्थितियों में आपको उसके बिना आगे बढ़ना होगा।’
उन्होंने कहा, ‘मैं क्रिकेट समिति में हूं और गेंद पर लार लगाने से बचने की सिफारिशों को लेकर चल रही चर्चा से अवगत हूं। हालांकि आप गेंद पर पसीने का उपयोग कर सकते हो क्योंकि यह साबित हो चुका है कि पसीने से खतरा नहीं है।’
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