
लड़कों से बरावरी का दावा करने वाली लड़कियां कुछ मामलों में उनसे बढ़कर साबित हो रही हैं… खासतौर पर गुस्सा करने के मामले में। वे लड़कों से ज्यादा जल्दी अपना आपा खो रही हैं। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं पर किए गए मनोवैज्ञानिक संचार शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।
विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शोधार्थी आयुष श्रीवास्तव ने विभागाध्यक्ष डॉ. सुबोध अग्निहोत्री के निर्देशन में किशोरवय लड़के-लड़कियों के व्यवहार और उनमें हो रहे संचारिक बदलाव पर शोध कार्य किया। ‘किशोर लड़के एवं लड़कियों में अक्रामक व्यवहार का तुलनात्मक अध्ययन’ विषय से हुए इस शोधकार्य में स्कूल जाने वाले 11 से 18 साल के लड़के-लड़कियों को शामिल किया गया।
एक साल तक दोनों के व्यवहार का निरंतर आकलन करने के लिए उनसे हर महीने 30 सवाल पूछ कर अग्रेशन स्केल मापा गया। प्रत्येक सवाल के पांच विकल्प दिए गए और हर जवाब का अलग-अलग अंक निर्धारित किया गया। इन जवाबों के आधार पर छात्र-छात्राओं का औसत अग्रेशन स्केल निकाला गया। शोध के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे। लड़कों का औसत अग्रेशन स्केल जहां 70.27 मापा गया। वहीं लड़कियों का औसत अग्रेशन स्केल 80.80 मिला।
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