Tuesday , February 10 2026 8:39 AM
Home / Sports / मैं पल दो पल का शायर हूँ.. पल दो पल मेरी कहानी है ….

मैं पल दो पल का शायर हूँ.. पल दो पल मेरी कहानी है ….


हिंदुस्तान की टीम को विश्व के तीनों बड़े खिताब जिताने वाले पूर्व भारतीय कप्तान Mahendra Singh Dhoni Retirement ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट (MS Dhoni Last Instagram Post) कर संन्यास लेने की घोषणा की। वीडियो में धोनी के अब तक के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की तस्वीरें हैं और इसके बैकग्राउंड में गाना चल रहा है- ‘मैं पल दो पल का शायर हूं…’ फिल्म ‘कभी कभी’ का ये गाना मशहूर गायक मुकेश की आवाज में है। 4 मिनट और 7 सेकेंड के वीडियो में
महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni Retirement) ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की कई तस्वीरें शेयर की हैं।
धोनी ने शेयर किया वीडियो
धोनी ने जो वीडियो शेयर की है उसमें बहुत तस्वीरें हैं। धोनी ने जब अपना करियर शुरू किया था तब उनके लंबे बाल थे उनका ये स्टाइल काफी पसंद किया था। उनको देखकर देश के न जाने कितने युवक लंबे बाल रखने लगे थे। धोनी ने शुरूआत इन्हीं तस्वीरों से की और फिर विश्वकप 2011 के दौरान की काफी तस्वीर लगाईं। धोनी ने युवराज के साथ भी तस्वीर लगाई।
https://www.instagram.com/tv/CD6ZQn1lGBi/?utm_source=ig_web_copy_link https://www.instagram.com/tv/CD6ZQn1lGBi/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=loading
क्रिकेट के एक युग का भी अंत हो गया
अपनी कप्तानी और ‘फिनिशिंग’ के हुनर से महानतम क्रिकेटरों में शुमार दो बार के विश्व कप विजेता भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा (MS Dhoni Announces Retirement) कहकर पिछले एक साल से उनके भविष्य को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लगा दिया। गैर पारंपरिक शैली में कप्तानी और मैच को अंजाम तक ले जाने की कला के साथ भारतीय क्रिकेट के इतिहास के कई सुनहरे अध्याय लिखने वाले 39 वर्ष के धोनी के इस फैसले के साथ ही क्रिकेट के एक युग का भी अंत हो गया।
महेंद्र सिंह धोनी ने लिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास, देखें करियर के पांच खास लम्हे

जब महेंद्र सिंह धोनी पाकिस्तान के खिलाफ 2005 की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में उतरे तो उन पर काफी दबाव था। साल 2004 में बांग्लादेश सीरीज में वह नाकाम हो चुके थे। हालांकि 123 गेंद पर 148 रनों की पारी ने उनके आलोचकों को शांत कर दिया। यह धोनी के रेकॉर्ड तोड़ करियर की शुरुआत थी।

साल 2004 से 2007 तक धोनी के करियर में उतार-चढ़ाव आते रहे। साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में जब सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरभ गांगुली जैसे खिलाड़ियों ने खुद को इससे अलग रखने का फैसला किया गया। धोनी को टीम की कमान सौंपी गई। और इसके बाद उनकी कप्तानी में एक युवा टीम ने पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता।

धोनी ने टी20 कप जितवाने के बाद भारतीय टीम को टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन पर पहुंचाया। घरेलू सीरीज में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 213 रन की पारी खेली और भारत ने ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में 4-0 से मात दी। सचिन तेंडुलकर ने उनकी कप्तानी में खेले एक टेस्ट मैच के बाद कहा था कि ड्रेसिंग रूम का माहौल इससे बेहतर कभी नहीं रहा।
आईपीएल में भी धोनी का दम दिखा। उनकी टीम चेन्नै सुपर किंग्स अब तक हर सीजन के अंतिम चार में पहुंची है और उसने तीन बार खिताब जीता है। धोनी साल 2008 से ही चेन्नै सुपर किंग्स के साथ हैं। दो साल तक जब उनकी टीम आईपीएल में शामिल नहीं रही तब वह राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स के लिए खेले।

धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2011 में आईसीसी वर्ल्ड कप जीता। 28 साल बाद भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप जीता। विनिंग शॉट भी उनके ही बल्ले से निकला। इसके बाद उन्होंने साल 2013 में चैंपियंस ट्रोफी पर भी कब्जा किया। वह पहले कप्तान बने जिन्होंने तीनों आईसीसी ट्रोफी जीतीं।

धोनी का मैसेज
धोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘अब तक आपके प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद। शाम सात बजकर 29 मिनट से मुझे रिटायर्ड समझिए।’ धोनी ने आखिरी बार वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। उसके बाद से उनके रिटायरमेंट की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन वह मौन थे। अब जब आईपीएल के लिए वह चेन्नै कैंप में शामिल होने पहुंचे तो उन्होंने अपने फैसले का ऐलान कर दिया।