
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। उसने वेस्टइंडीज को दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से हराया। इसके साथ ही उसने इस सीरीज से 120 अंक अर्जित किए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। इसके बाद टीमों की रैंकिंग में बदलाव हो गया है। नए नियम के अनुसार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला अंकों के प्रतिशत के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। उसके इस फैसले से जहां टीम इंडिया को नुकसान पहुंचा है तो ऑस्ट्रेलिया नंबर एक के पायदान पर पहुंच गई है।
यही नहीं, आईसीसी की ओर से जारी नई रैंकिंग में टीम इंडिया दूसरे नंबर पर है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का अंक प्रतिशत 82.2 है जो भारत के 75 से कहीं अधिक है। दरअसल, आईसीसी ने टीमों के मैचों में मिली जीत के अंकों का प्रतिशत निकाला। जो सीरीज महामारी के दौरान नहीं हो सकी है उसे ड्रॉ मान लिया है। आईसीसी के इस नियम से ऑस्ट्रेलिया को फायदा हुआ है, जबकि भारत को नुकसान हुआ।
टीम सीरीज मैच जीत हार ड्रॉ अंक प्रतिशत (%)
ऑस्ट्रेलिया 3 10 7 2 1 296 0.822
भारत 4 9 7 2 0 360 0.750
न्यूजीलैंड 4 9 5 4 0 300 0.625
इंग्लैंड 4 15 8 4 3 292 0.608
पाकिस्तान 3.5 8 2 3 3 166 0.395
श्रीलंका 2 4 1 2 1 80 0.333
वेस्टइंडीज 3 7 1 6 0 40 0.111
साउथ अफ्रीका 2 7 1 6 0 24 0.100
बांग्लादेश 1.5 3 0 3 0 0 0.00
कितनी टीमें
आईसीसी रैंकिंग में चोटी की नौ टीमें इस टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा हैं। ये टीमें हैं- भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज, बांग्लादेश, न्यू जीलैंड, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया। जिन मैचों में आयरलैंड और अफगानिस्तान शामिल होंगे उन्हें टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं होगे।
फॉर्मेट : सभी नौ टीमों को छह टीमों के खिलाफ खेलना होगा। इसमें तीन सीरीज घरेलू और तीन विदेशी होंगी। एक सीरीज में अधिकतम दो से अधिकतम पांच मैच हो सकते हैं।
क्या सभी नौ टीमों को वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान आपस में खेलना जरूरी होगा?
नहीं। सभी नौ टीमों को कुल छह सीरीज खेलनी होंगी। इसका अर्थ यह है कि टीमों के मुकाबलों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है। लेकिन आईसीसी ने एक चैंपियनशिप के लिए अधिकतम 120 अंक निर्धारित करके कुछ संतुलन कायम रखने की कोशिश की है। यानी सीरीज कितनी भी बड़ी हो अधिकतम अंक 120 ही होंगे।
क्या होगा अगर फाइनल ड्रॉ या टाइ रहे
अगर फाइनल टाइ या ड्रॉ रहता है तो दोनों टीमों को जॉइंट विजेता घोषित किया जाएगा। हालांकि प्लेइंग कंडीशंस में रिजर्व डे का भी विकल्प मौजूद है। ऐसा तभी होगा जब पांचों दिन के कुल खेल समय का नुकसान हुआ हो। टेस्ट मैच में खेल का कुल समय 30 घंटे (छह घंटे रोज) है।
रिजर्व डे तभी खेल में आएगा अगर नियमित दिनों के अंतर्गत हुए नुकसान की उसी दिन भरपाई न कर ली जाए। उदाहरण के लिए, अगर बारिश के कारण किसी दिन एक घंटे का खेल नहीं हो पाता और उसी दिन अंत में उसकी भरपाई कर लेते हैं तो उसे किसी तरह का नुकसान नहीं मानते हैं। लेकिन बारिश के कारण पूरे दिन के खेल का नुकसान हो जाता है और बाकी चार दिनों में आप सिर्फ तीन घंटों के खेल की भरपाई कर पाते हैं तो रिजर्व डे में मैच जाएगा।
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