
अमेरिका में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत यूसेफ अल-ओतैबा ने कहा है कि उनके देश ने भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव को कम करने और और उनके द्विपक्षीय संबंधों को ‘स्वस्थ कामकाजी स्तर’ पर वापस लाने में भूमिका निभाई। अल-ओतैबा ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के हूवर इंस्टिट्यूशन के साथ एक डिजिटल चर्चा में बुधवार को कहा, ‘वे शायद बहुत अच्छे दोस्त नहीं बन सकते, लेकिन हम इसे कम से कम ऐसे स्तर पर पहुंचाना चाहते हैं, जहां वे एक-दूसरे से बात करते हों।’
भारत और पाकिस्तान ने 25 फरवरी को एक अचानक की गयी घोषणा में कहा था कि वे जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के सभी समझौतों का सख्ती से पालन करने पर सहमत हुए हैं। अल-ओतैबा ने खुद ही एक सवाल का जवाब देते हुए इस मुद्दे को उठाया और दोनों पड़ोसियों के बीच ‘तनाव को कम करने’ में अपने देश की भूमिका को स्वीकार किया।
नयी दिल्ली में जब इन मीडिया खबर के बारे में पूछा गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले एक साल से अधिक समय से परदे के पीछे बातचीत हो रही थी तो विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। बागची ने 9 अप्रैल को कहा था, ‘अगर आप इस मुद्दे पर संचार चैनलों के बारे में बात करते हैं, तो मुझे याद रखना चाहिए कि हमारे संबंधित उच्च आयोग मौजूद हैं और वे काम कर रहे हैं। इसलिए यह संचार का बहुत प्रभावी माध्यम है।’
उसी दिन, पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने भारत के साथ परदे के पीछे किसी प्रकार की बातचीत में अपनी भागीदारी से स्पष्ट रूप से इनकार किया था।
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