
टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में भारत को एक और कामयाबी मिली है। शनिवार को भारत के पहलवान बजरंग ने कुश्ती की फ्रीस्टाइल कैटेगरी के 65 किलोग्राम भारवर्ग का कांस्य पदक जीत लिया । कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में बजरंग ने कज़ाकिस्तान के दौलत नियाज़बेकोब को अंकों के आधार पर हराते हुए 8-0 से पटखनी दी। इस मुकाबले की खास बात ये रही कि दौलत एक भी अंक हासिल नहीं कर पाए। पहले पीरियड में ही बजरंग ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद दूसरे पीरियड में बजरंग और आक्रामक हुए और तीन बार बेहतरीन दांव लगाते हुए 2-2 अंक हासिल करने में कामयाब रहे और उसके बाद अपने विरोधी को संभलने का ज़रा भी मौका नहीं दिया।
टोक्यो ओलंपिक में बजरंग के कांस्य पदक तक के सफर पर नजर डालें तो उन्हें सेमीफाइनल मुकाबले में अज़रबैजान के हाजी अलीयेव से हार का सामना करना पड़ा था। पहले पीरियड से ही हाजी अलीयेव ने 4-1 की बढ़त बना ली थी और दूसरे पीरियड में भी इस बढ़त को 12-5 तक ले गए । इसके पहले क्वार्टर फाइनल के मुकाबले में बजरंग ने ईरान के मुर्तज़ा घिआसी के अटैक को बेहतरीन तरीके से संभालते हुए जबर्दस्त दांव खेला और घियासी के दोनों कंधे मैट से टच करवा दिए थे और तकनीकी दक्षता के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे। वहीं प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बजरंग ने कज़ाकिस्तान के एरनज़ार अकमातालिएव को 3-3 की बराबरी पर रहते हुए भी बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
बजरंग का कांस्य पदक टोक्यो 2020 गेम्स में भारत का छठा पदक था। बजरंग के कांस्य पदक के साथ ही ओलंपिक इतिहास में भारत ने कुश्ती में अब तक सात पदक जीत लिए हैं। कुश्ती में पदक जीतने के सिलसिले की शुरुआत सबसे पहले खाशबा दादासाहेब जाधव ने की थी उन्होंने 1952 हेलसिंकी में एक कांस्य पदक जीता था। इसके बाद सुशील कुमार ने बीजिंग 2008 में एक कांस्य और लंदन 2012 में एक रजत पदक जीता। वहीं योगेश्वर दत्त ने लंदन 2012 में एक कांस्य और महिला कुश्ती खिलाड़ी साक्षी मलिक ने रियो 2016 में एक कांस्य पदक अपने नाम किया। और इस बार टोक्यो 2020 में कुश्ती में भारत को दो पदक मिले हैं। रवि कुमार के खाते में पहले ही रजत पदक जा चुका है और बजरंग ने टोक्यो 2020 में जीत के इस सिलसिले को जारी रखते हुए 65 किलोग्राम में कांस्य पदक जीतने का गौरव हासिल किया।
लेख : विवेक शर्मा
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