
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उतरने वाले संभावित 11 में से नौ खिलाड़ी दो महीने तक आईपीएल में व्यस्त रहने के बाद इस पांच दिनी भिड़ंत में उतरेंगे। उधर, ऑस्ट्रेलिया के संभावित खिलाड़ियों में से केवल दो ही आईपीएल-16 में सक्रिय थे। आईपीएल की फॉर्म टेस्ट जीत में काम आएगी या फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी इस मुकाबले के लिए ज्यादा फ्रेश होंगे? आईसीसी के नॉकआउट मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया का रेकॉर्ड बेहतर रहा है। क्या इसका दबाव भारत पर होगा? इन सब सवालों के जवाब अगले पांच दिनों में मिल जाएंगे।
मगर एक बात तय है कि द ओवल पर इस बार जो होने जा रहा है वह पहले कभी नहीं हुआ। यहां वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल तो पहली बार हो ही रहा है, यह पहला मौका है जब जून के महीने में यहां कोई टेस्ट मैच खेला जाएगा। ऐसे में यहां की पिच और मौसम दोनों टीमों के लिए बिल्कुल अलहदा होंगी। यहीं पर मामला फिफ्टी-फिफ्टी का बन जाता है। द ओवल की अलग तरह की परिस्थितियों से जल्द और बेहतर तालमेल बिठाने वाली टीम ही इस बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन बनेगी।
परिस्थितियों की समझ – द ओवल में पहला टेस्ट मैच 1880 में खेला गया था, लेकिन यह पहला अवसर है जबकि वह जून के महीने में टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा हालांकि इस आंकड़े को गंभीरता से नहीं ले रहे। उन्होंने कहा,‘हम सुन रहे हैं यहां जून में बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेली जाती है। काउंटी के मैच यहां खेले गए हैं। हमने देखा था कि दो सप्ताह पहले यहां मैच खेला गया था। ऐसा नहीं है कि इस मैदान पर यह इस सीजन का पहला मैच होगा। हम इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं कि परिस्थितियां कैसी हैं और अगले पांच दिन में क्या होने वाला है।’
बॉलिंग कॉम्बिनेशन की पहेली – भारत की कौशल और जज्बे से भरी टीम ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम के खिलाफ उतरेगी तो उसकी नजरें आईसीसी खिताब के एक दशक के सूखे को खत्म करने पर टिकी होंगी। डब्ल्यूटीसी के पिछले दो चक्र में भारत सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीम रहा है। भारत पिछले 10 साल में सफेद गेंद के लगभग सभी बड़े टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में जगह बनाने में सफल रहा, लेकिन इसके बावजूद खिताब नहीं जीत पाया। भारत रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जाडेजा की स्पिन जोड़ी को खिलाने को लेकर उत्सुक होगा, लेकिन इंग्लैंड में गर्मियों की शुरुआत है और तरोताजा पिचों पर चौथा तेज गेंदबाज बेहतर विकल्प हो सकता है। ऐसे में अश्विन को बाहर बैठना पड़ सकता है। तब शार्दुल ठाकुर इलेवन में होंगे।
बैटर्स का ‘अल्टीमेट टेस्ट’ – भारतीय बल्लेबाजों के लिए ऑस्ट्रेलिया के पेसर्स पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड का सामना करना आसान नहीं होगा। इस मुकाबले को ‘अल्टीमेट टेस्ट’ कहां जा रहा है और बेशक इस मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा शुभमान गिल जैसे उभरते हुए स्टार की परीक्षा होगी। चेतेश्वर पुजारा काउंटी क्रिकेट की अच्छी फॉर्म को इस मुकाबले में दोहराना चाहेंगे, जबकि अजिंक्य रहाणे वापसी करते हुए अच्छा प्रदर्शन करने को बेताब होंगे। भारतीय टीम के विपरीत ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को मैच फिट होने का अधिक मौका नहीं मिला है, लेकिन वे इस मुकाबले में तरोताजा होकर उतरेंगे। मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ काउंटी टीमों का हिस्सा रहे। पैट कमिंस जैसे खिलाड़ियों ने स्वदेश में तैयारी करने का विकल्प चुना।
भारत के लिए सबसे अहम विकेट – मैच का नतीजा काफी हद तक इस पर निर्भर करेगा कि स्तरीय तेज गेंदबाजी के खिलाफ दोनों टीम का टॉप ऑर्डर कैसा प्रदर्शन करता है। ऑस्ट्रेलिया को ओपनर उस्मान ख्वाजा से काफी उम्मीदें हैं जबकि डेविड वॉर्नर अपने करियर के अंतिम चरण में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे। इस मैदान पर स्मिथ का औसत 97.75 का है और अगर भारत को मैच पर पकड़ बनानी है तो उन्हें जल्दी आउट करना होगा। द ओवल पर तीन टेस्ट में दो सेंचुरी बना चुके स्मिथ का विकेट भारतीय बोलर्स के लिए सबसे अहम होगा।
भारत Vs ऑस्ट्रेलिया, द ओवल ग्राउंड (लंदन)
कुल मैच 106
भारत जीता 32
ऑस्ट्रेलिया जीता 44
ड्रॉ मैच 29
ट्राई मैच 1
संभावित प्लेइंग XI : भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमान गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, रविंद्र जाडेजा, केएस भरत (विकेटकीपर), शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज
ऑस्ट्रेलिया: डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, स्कॉट बोलैंड
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