
पाकिस्तान, जो 1971 की जंग में आधा मुल्क गंवाने के बाद भी खुद को विजेता बताता है, वो भला अपने देश में 9 आतंकी ठिकानों के तबाह होने, 11 एयरबेस पर भारत के ब्रह्मोस हमले और कम से कम 6-7 लड़ाकू विमानों को गंवाने के बाद कैसे हार मानेगा। अपनी आदत के मुताबिक ये इस्लामिक देश जमकर झूठ बोल रहा है। उस वक्त भी, जब अमेरिकी सरकार की फाइलों से खुलासा हो गया है कि उसने भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बचने के लिए अमेरिका के सामने 100 बार से ज्यादा बार बचाने की गुहार लगाई थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि ‘पिछले साल की सैन्य सफलताओं के बाद पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन मजबूत हुआ है।’ दरअसल, इंटरनेशन मीडिया के एक हिस्से के साथ मिलकर पाकिस्तान हर रोज किसी न किसी देश के साथ JF-17 लड़ाकू बेचने के दावे कर रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद जब पता चला कि पाकिस्तान ने 100 बार से ज्यादा भारत से बचाने की गुहार लगाई थी, उसके बाद फजीहत से बचने के लिए पाकिस्तानी नेता लड़ाकू विमान बेचने को लेकर फर्जी खबर फैला रहे हैं। शहबाज शरीफ ने कहा है कि “पाकिस्तान के फाइटर जेट्स की ग्लोबल डिमांड बढ़ी है और कई देश बहुत दिलचस्पी के साथ पाकिस्तान के साथ बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “आगे के डेवलपमेंट से रक्षा क्षमताएं मजबूत होंगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।”
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