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अमेरिका ने यूक्रेन को भड़काया, तख्तापलट करवाया… पुतिन ने जमकर निकाली दिल की भड़ास


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के प्रसिद्ध पत्रकार टकर कार्लसन के साथ इंटरव्यू में अपने दिल की पूरी भड़ास निकाली है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन ने अमेरिका के कहने पर रूस के साथ बातचीत को बंद किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ही 2014 में यूक्रेन में तख्तापलट करवाया। इसके बाद जिन लोगों ने इस तख्तापलट को स्वीकार नहीं किया, उस पर अमेरिका समर्थित सरकार की सेना ने जमकर अत्याचार किए। पुतिन ने बताया कि जब डोनबास और क्रीमिया वाले इलाकों के लोगों ने हमसे मदद मांगी, तब हम उनकी रक्षा को आगे आए।
पुतिन ने समझाया यूक्रेन का इतिहास – टकर कार्लसन पहले अमेरिकी पत्रकार हैं, जिन्होंने 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पुतिन का इंटरव्यू लिया है। दो घंटे के इंटरव्यू की शुरुआत पुतिन ने यूक्रेन को सदियों पुराने इतिहास को समझाकर की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन कोई देश नहीं था, बल्कि यह पोल्स के जरिए अविष्कार किया गया नाम था। यह रूस के दक्षिण में स्थित एक जमीन का टुकड़ा था, जिसे पोलिश-लिथुआनियाई अपना हिस्सा मानते थे। उन्होंने कहा कि इस जमीन के टुकड़े पर कब्जे के लिए युद्ध भी हुआ, लेकिन, मोलोटोव-रिबेंट्रॉप संधि के तहत यह हिस्सा रूस को दे दिया। 1922 में जब यूएसएसआर की स्थापना हो रही थी, बोल्शेविकों ने यूएसएसआर का निर्माण शुरू किया और सोवियत यूक्रेन की स्थापना की, जो पहले कभी अस्तित्व में नहीं था।
अमेरिका पर लगाया यूक्रेन को भड़काने का आरोप – पुतिन ने समझाया कि उस वक्त रोमानिया और हंगरी की कुछ जमीनें छीन ली गईं और सोवियत यूक्रेन को दे दी गईं, और वे अभी भी यूक्रेन का हिस्सा बने हुए हैं। इस अर्थ में, हमारे पास यह पुष्टि करने का हर कारण है कि यूक्रेन एक कृत्रिम राज्य है जिसे स्टालिन की इच्छा पर आकार दिया गया था। इसके बाद कार्लसन ने पुतिन से पूछा कि क्या उन्होंने हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन से कहा था कि वह “यूक्रेन का हिस्सा हासिल कर सकते हैं”, जिस पर पुतिन ने कहा, “कभी नहीं”। लेकिन इंटरव्यू के दौरान पुतिन ने बताया कि किस वजह से रूस और यूक्रेन के बीच विवाद हुआ।
क्रीमिया पर कब्जे की मजबूरी समझाई – रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि 2008 में नाटो ने अपने दरवाजे यूक्रेन के लिए खोल दिया। 2014 में यूक्रेन में तख्तापलट हुआ। उन्होंने उन लोगों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया जिन्होंने तख्तापलट को स्वीकार नहीं किया. और यह वास्तव में तख्तापलट था। उन्होंने क्रीमिया के लिए खतरा पैदा किया, जिसके बाद हमें उस इलाके पर कब्जा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यूक्रेनी सेना ने 2014 में डोनबास में नागरिकों के खिलाफ विमान और तोपखाने का उपयोग करके युद्ध शुरू किया। यही वह समय है जब यह सब शुरू हुआ।
सीआईए पर लगाया तख्तापलट का आरोप – पुतिन ने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष का कारण 2014 का तख्तापलट ही था। सीआईए ने तख्तापलट को पूरा करने के लिए अपना काम किया। पुतिन ने कहा कि उन्होंने पश्चिम द्वारा यूक्रेन के सैन्यीकरण के बारे में कई बार अमेरिका से बात की है, लेकिन कोई आपेक्षित जवाब नहीं मिला। इसके उलट यूक्रेन ने सैन्य कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि वह यूक्रेन में संघर्ष को लेकर भी बातचीत करना चाहते थे। पुतिन ने इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच समझौते को लेकर तैयार किए गए दस्तावेज पर भी बात की।