
नई दिल्ली। दुनिया में एक और बड़ा सायबर अटैक हुआ है, जिसका असर कई देशों में बैंकों, एयरपोर्ट और अन्य सेवाओं पर पड़ रहा है। यूक्रेन सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां बताया जा रहा है कि सबकुछ ठप्प हो गया है। रूस की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी के सिस्टम भी हैक कर लिए गए हैं। भारत के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट मुंबई स्थित जेएनपीटी पर भी रैंसमवेयर का अटैक हुआ है। यहां कामकाज रोक दिया गया है। एक नजर इससे जुड़ी बड़ी बातों पर –
-इस रैंसमवयर को पेटया नाम दिया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर यूरोपीय देशों में पड़ा है। पिछले दिनों वानाक्राय रैंसमवेयर का अटैक हुआ था। तब भारत समेत 150 देश प्रभावित हुए थे। ताजा हमले के बारे में बताया गया है कि यह नए तरह का वानाक्राय वायरस है।
– सबसे ज्यादा प्रभावित यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वहां एटीएम से लेकर बैंकों, एयरपोर्ट और पॉवर ग्रिड तक ने काम करना बंद कर दिया है।
– रूस की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी के अलावा लंदन से भी हैकिंग की शिकायतें मिली हैं। वहीं डब्ल्यूपीपी ऐड एजेंसी के सिस्टम हैक हो गए हैं।
– यूक्रेन के अलावा रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, डेनमार्क, फ्रांस और नॉर्वे में इस सायबर अटैक की पुष्टि हो गई है। जापान में होंडा के प्लांट पर अटैक हुआ है। वहां काम काज ठप्प हो गया है।
– मॉस्को की सुरक्षा फर्म ग्रुप-आईबी के मुताबिक, रूस और यूक्रेन में एक साथ हमला किया गया है। नुकसान का सही-सही आंकलन अभी होना बाकी है।
– यूक्रेन में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
फिर वहीं फिरौती की मांग
यूक्रेन की एक मीडिया कंपनी पर भी हैकिंग हुई है। वहां के कर्मचारियों का कहना है कि कंप्युटर अचानक बंद हो गए और फिर एक मैसेज आया जिसमें फाइलों का दोबारा ऐक्सेस हासिल करने के लिए 300 डॉलर की मांग की गई। पिछले दिनों जिस वानाक्राय रैंसमवेयर का अटैक हुआ था, उसमें भी इसी तरह फिरौती मांगी गई थी। बड़ी संख्या में कंपनियों ने फिरौती चुकाकर अपना डाटा दोबारा हासिल किया था।
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