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एशेज 2025: मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का ‘सरेंडर’, 9 साल बाद घर में दोहराया गया शर्मनाक इतिहास


मेलबर्न में एशेज टेस्ट के चौथे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी बुरी तरह विफल रही। टीम दोनों पारियों में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी, जिससे इंग्लैंड को जीत के लिए मात्र 175 रनों का लक्ष्य मिला है।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही एशेज टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला इतिहास के पन्नों में ऑस्ट्रेलिया की एक बड़ी बल्लेबाजी विफलता के रूप में दर्ज हो गया है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) की चुनौतीपूर्ण पिच पर ऑस्ट्रेलियाई टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पूरी टीम मैच की दोनों पारियों में 200 रनों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी, जिसके चलते इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 175 रनों का आसान लक्ष्य मिला है।
9 साल बाद आया ऐसा काला दिन – ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए यह दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं है। अपने घर में खेलते हुए कंगारू टीम का इस तरह घुटने टेकना फैंस के लिए हैरान करने वाला है। बता दें कि पिछले 9 सालों में यह पहला मौका है जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने घरेलू मैदान पर किसी टेस्ट की दोनों पारियों में 200 रन के अंदर ऑलआउट हुई है। इससे पहले साल 2016 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ होबार्ट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के साथ ऐसा हुआ था।
इंग्लैंड के गेंदबाजों का कहर – मुकाबले की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में केवल 152 रन बनाए थे। उम्मीद थी कि दूसरी पारी में टीम वापसी करेगी, लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 132 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ के सामने दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज बेबस नजर आए। अब इंग्लैंड को यह मैच और सीरीज में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मात्र 175 रन बनाने हैं।
पिछले 75 सालों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड – अगर पिछले 75 सालों के इतिहास पर नजर डालें, तो ऑस्ट्रेलिया के साथ ऐसा बहुत कम ही हुआ है कि वह अपने घर में दोनों पारियों में 200 से कम पर सिमट जाए। दिलचस्प बात यह है कि MCG के मैदान पर इंग्लैंड ने 1986 के बाद एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को उसी के जाल में फंसाया है।
इस शर्मनाक प्रदर्शन ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की बल्लेबाजी तकनीक और दबाव झेलने की क्षमता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, इंग्लैंड के लिए यह एशेज में वापसी करने का सुनहरा मौका है। अब देखना यह होगा कि क्या ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज 175 रनों के छोटे से लक्ष्य का बचाव कर कोई चमत्कार कर पाते हैं या इंग्लैंड आसानी से जीत दर्ज करेगा।