
वर्नोन फिलेंडर की कहर बरपाती गेंदबाजी की बदौलत साउथ अफ्रीका ने जोहन्सबर्ग में खेले गए चौथे टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया को 492 रनों के विशाल अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास की चौथी सबसे बड़ी जीत है। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-1 से कब्जा कर लिया।
साउथ अफ्रीका ने चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया को 612 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था। मेहमान टीम सिर्फ 119 रन ही बना सकी और मैच हार गई। यह साउथ अफ्रीका की रनों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत है तो वहीं ऑस्ट्रेलिया की रनों के लिहाज से अभी तक की सबसे बड़ी हार है।
वर्नोन फिलेंडर ने मैच की दूसरी पारी में 21 रन देकर छह विकेट लिए। यह उनका खेल के सबसे लंबे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। फिलेंडर ने इस मैच में टेस्ट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए हैं। ऐसा करने वाले वह सातवें साउथ अफ्रीकी हैं।
फिलेंडर को मैच में उनकी शानदार गेंदबाजी के लिये मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। फिलेंडर ने दोनों पारियों में कुल नौ विकेट हासिल किए। दक्षिण अफ्रीका के तेका गेंदबाका कैगिसो रबादा मैन ऑफ द सीरीज रहे।
दक्षिण अफ्रीका ने इस जीत से अपने तेका गेंदबाका मोर्न मोर्कल को विजयी विदाई भी दे दी जिनका यह आखिरी टेस्ट था। मोर्कल ने आस्ट्रेलियाई पारी की आखिरी गेंद डाली जिसपर नाथन लियोन रनआउट हुए। इस हार के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए इस दु:स्वप्न साबित हुए दौरे का भी अंत हो गया।
यह टैस्ट सीरीज दक्षिण अफ्रीका की जीत से ज्यादा बॉल टेम्परिंग प्रकरण के लिए याद की जाएगी जिसमें केपटाउन के तीसरे टैस्ट में टैम्परिंग के लिये दोषी पाये गये स्टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर एक एक साल तथा कैमरन बेनक्राफ्ट नौ महीने के लिये प्रतिबंधित हो गए।ऑस्ट्रेलियाई कोच डैरेन लेहमैन के लिए यह सीरीज दुखद रही और उन्होंने हार के साथ आस्ट्रेलियाई कोच पद छोड़ दिया। लेहमैन ने टैम्परिंग प्रकरण सामने आने के बाद घोषणा कर दी थी कि वह आखिरी मैच के बाद कोच पद छोड़ देंगे।
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