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पुलवामा जैसे हमले रोकने के लिए पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी जरूरी, बलोच नेता मीर यार का बड़ा बयान


साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की बरसी (14 फरवरी) पर बलूचिस्तान के अलगाववादी नेता मीर यार ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। मीर यार बलूच ने कहा है कि पाकिस्तान की सेना और उसके पाले हुए आतंकी गुट इस तरह के हमलों को अंजाम दे रहे हैं। मीर ने कहा कि पाकिस्तान की सेना और सरकार बलूचिस्तान के अरबों डॉलर के खनिज का इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में पुलवामा जैसी घटनाएं रोकने के लिए बलूचिस्तान का पाकिस्तान से अलग होना जरूरी है।
मीर यार बलूच ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘बलूचिस्तान गणराज्य भारत के लोगों और 14 फरवरी 2019 के पुलवामा टेरर अटैक पीड़ितों के साथ खड़ा है। हम हिंसा की निंदा करते हैं, जिसमें कई बेगुनाहों की जान गई और लोगों को दुख उठाना पड़ा। ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करना होगा।’
पाकिस्तान आर्मी का आतंकियों से रिश्ता – मीर ने आगे कहा, ‘पुलवामा कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बिना वर्दी वाली सेना (जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा) के हिंसा फैलाने के पैटर्न का हिस्सा है। हमने लंबे समय से दुनिया से कहा है कि वे आतंकी गुटों को पाकिस्तानी मिलिट्री से अलग ना करें। ये गुट ISI और मिलिट्री के एजेंडे को पूरा करते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए मीर ने कहा कि भारतीय सेना के हमले के बाद पाकिस्तानी सेना का लश्कर और जैश से रिश्ता दुनिया ने देखा। पाकिस्तानी सैन्य अफसरों ने खुद आतंकियों के जनाजे में हिस्सा लिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ तो इनको पाकिस्तान का फ्रंटलाइन वॉरियर्स और डिफेंस लाइन बता चुके हैं।
पाकिस्तान सरकार दे रही आतंकियों को फंड – बलूचिस्तान को पाकिस्तान के अलग देश बनाने के लिए लड़ रहे मीर यार का दावा है कि पाकिस्तानी सरकार आतंकी गुटों को पैसे और हथियार दे रही है। पाकिस्तानी सरकार बलूचिस्तान से गैस, सोना, कॉपर और कोयला निकालकर इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल भारत और अफगानिस्तान में आतंक फैलाने के लिए करती है।
मीर ने लिखा, ‘बलूचिस्तान की लूटी दौलत पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम, डिफेंस खर्च और आतंक को बढ़ावा देती है। आजाद बलूचिस्तान इन टेरर फैक्ट्रियों को खत्म करने, आतंक के रिसोर्स के फ्लो को रोकने और दक्षिण एशिया में शांति और खुशहाली के लिए जरूरी है। दुनिया को इसे पहचानते हुए हमें सपोर्ट करना चाहिए।’